झारखंड के गोड्डा में अडानी के थर्मल पावर प्लांट के लिए जबरदस्ती किसानों की जमीन छीनी जा रही है किसान मधुसूदन वालिश पंडित सूर्यनारायण जैसे अनेक किसानों ने एबीपी न्यूज से चर्चा करते हुए रोते हुए बताया की हम अपनी जमीन थर्मल प्लांट के लिए नहीं देना चाहते हैं यह हमारे पुरखों की निशानी है अडानी के अफसरों ने कहा कि जमीन तो तुम्हें देना ही पड़ेगा जमीन नहीं दोगे तो जमीन में गाड़ देंगे अडानी के पावर प्लांट की 16 मेगावाट बनने वाली बिजली बांग्लादेश को निर्यात की जाएगी जबकि झारखंड राज्य सरकार का नियम है कि वहां लगने वाले प्रत्येक पावर प्लांट की 25 प्रतिशत बिजली राज्य को ही दी जाती है द्य लेकिन अडानी के पावर प्लांट के लिए राज्य सरकार ने अपने नियमों में भी संशोधन कर दिया है लेकिन जिस तरह किसानों को मजबूर कर उद्योगपतियों के लिए जमीन ली जा रही है और राज्य सरकार और पुलिस किसानों के लिए कुछ भी नहीं कर रही है उससे मोदी सरकार की मंशा साफ नियत सही विकास पर स्वयं प्रश्नचिन्ह लग रहा है इससे केंद्र सरकार की कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है।
