खबर पक्की, 7 जुलाई, रतलाम। रविवार देर रात मोहर्रम के अवसर पर शहर के विभिन्न मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से ताजियों का जुलूस निकला। बैंड-बाजों, ढोल-ढमाकों और रोशनी से सजे ताजियों को देखने बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबी सड़कों पर पहुंचे। हाट की चौकी, मोचीपुरा और आसपास के क्षेत्रों में मेले जैसा माहौल बन गया। समाज के लोगों ने जगह-जगह छबील लगाकर आने-जाने वालों को पानी और शरबत पिलाया।
रात 10 बजे के बाद ताजियों का कारवां अपने-अपने क्षेत्रों से नगर निगम तिराहा की ओर रवाना हुआ। इसके बाद हाथीखाना, मोचीपुरा, हाकीमवाडा, चार चक्की चौराहा, उंकाला रोड, बड़ा गणपति होते हुए सोमवार सुबह तक पंच पीर बाबा की दरगाह पहुंचा। वहां ताजियों को छींटे देकर ठंडा किया गया।
मोहर्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सख्त सुरक्षा इंतजाम किए थे। ताजिया मार्ग पर 10 अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई थीं। शहर में चारों थानों के बल सहित 500 से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। बाहर से दो अतिरिक्त पुलिस कंपनियां भी बुलाई गई थीं। एक कंपनी को शहर और दूसरी को जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया।
रातभर पुलिस अधिकारी शहर में गश्त करते रहे। ड्रोन कैमरों से भी जुलूस मार्ग पर निगरानी की गई, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके। मोहर्रम के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन ने समाजजन और ताजिया समितियों के साथ समन्वय बनाए रखा।
देर रात निकला ताजियों का कारवां, सुबह पंच पीर दरगाह पर विसर्जन; ड्रोन से हुई निगरानी
