खबर पक्की, 23 मार्च, रतलाम। महापौर प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में आयोजित महापौर परिषद की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार पोर्टेबल वाटर टेस्ट किट के माध्यम से मौके पर जल गुणवत्ता परीक्षण एवं घरेलू नल कनेक्शन से एकत्र जल नमूनों का प्रयोगशाला में परीक्षण करवाये जाने का कार्य निकाय में पंजीकृत स्वंय सहायता समूह की ‘अमृत मित्रÓ घर-घर जाकर सैम्लप लेकर पानी की गुणवत्ता की करेंगी जांच।
नगरीय क्षेत्र रतलाम में स्वच्छ पेयजल की जिम्मेदारी अब स्व सहायता समूह की महिलाओं को दी गई है। केंद्र सरकार की योजना अमृत (अटल मिशन फार रिजोनुवेशन एंड अर्बन ट्रांसफोरमेशन) के तहत इन महिलाओं को अमृत मित्र बनाया गया है। महिलाएं घर-घर जाकर सैंपल एकत्रित कर रही है। जिससे की पानी की गुणवत्ता में सुधार आ सके और बीमारियों पर अंकुश लग सके। केंद्र सरकार की ओर से शहरी क्षेत्र में शुद्ध जल को लेकर अमृत मित्र योजना की शुरुआत की गई है साथ ही रतलाम में पिछले सप्ताह स्व सहायता समूह की 12 सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया । प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को आइडी कार्ड और जांच किट उपलब्ध कराई गई। जिससे वह मैदानी स्तर पर काम कर सकेंगी।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में नगर निगम सीमा से 21 मार्च से हुई शुरूआत
नगर निगम के नोडल अधिकारी सुहास पंडित ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत पहले चरण में मां कामाख्या, पलक, खुशबू, राधे- राधे, आकाश एवं स्वयं सहायता समूह की 12 महिलाओं की टीम बनाई गई है। जिनके के जरिए घर-घर जाकर वाटर टेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है। महिलाओं के पास वाटर टेस्टिंग के लिए ओटी किट प्रदान की गई। जिसके माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। कहीं भी समस्या होने पर जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई भी करेंगे।
अमृत मित्र को प्रतिदिन 15 सैंपल करने होंगे एकत्रित
महिलाओं को हर रोज पानी के 15 सैंपल एकत्रित करने होंगे। जिसे विभाग की लैब में जमा करवाना होगा। वहीं महीने में महिलाओं को कुल 330 सैंपल जमा करवाने होंगे। वहीं इसी के साथ महिलाओं को शहर में हर रोज 5 दूषित पेयजल कनेक्शन ढूंढने होंगे। इनके बारे में विभाग को बताकर इनको ठीक भी करवाना होगा। वहीं पूरे महीने में 110 कनेक्शन देने होंगे। वहीं महीने भर में 110 लीकेज ढूंढने होंगे। लक्ष्य पूरा होने पर इन्हें शासन द्वारा निर्धारित प्रत्येक सैंपल के मान से राषि दी जायेगी।
49 वार्डों में होगी पानी की जांच
शहर की सभी 49 वार्ड के स्व सहायता समूह की महिलाओं को अमृत मित्र बनाया गया है। जिससे हर वार्ड में दो महिलाएं पानी की गुणवत्ता की जांच कर रही हे। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को आईडी कार्ड दिया गया। जिसके बाद महिलाएं फील्ड में उतरकर काम करने लगी है। उन्हें हर महीने महिलाओं के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा। जिसमें महिलाओं की रिपोर्ट तैयार होगी। वहीं महिलाओं का कार्य सही हुआ तो महिलाओं के कार्य बढ़ोत्तरी की जाएगा।
अमृत योजना के तहत नगर निगम सीमा में स्व सहायता समूह के सदस्यों को अमृत मित्र बनाया गया है। जिसमें शहर की 12 महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद जांच किट अमृत वित्त योजना के तहत उपलब्ध कराई गई। 21 मार्च को प्रशिक्षण देने के साथ ही मैदानी स्तर पर काम कराना शुरू कर दिया जाएगा।
पानी की गुणवत्ता घर-घर जाकर जांचेगी महिला स्व सहायता समूह की ”अमृत मित्रÓÓ, पेयजल के सैंपल लेंगी ‘अमृत मित्रÓ महिलाएं, बीमारी पर लगेगा अंकुश
