खबर पक्की, 28 फरवरी, रतलाम। सामाजिक सरोकार के चलते देश भर में अब सहयोग की नई इबारत लिखी जा रही है । सेवा में तत्पर रहने वाले युवा देश के किसी भी कोने से आने वाले अंजान भाई बहिनों को यह एहसास भी नहीं होने देते कि वे उनसे पहली बार ही मिल रहे हैं। रतलाम रेलवे स्टेशन पर एक ऐसा ही प्रसंग बना जिसमें करीब 200 साधर्मिक भाई बहिनों को प्रफुल्लित कर दिया।
जानकारी के अनुसार जैन समाज के 200 भाई बहिनों का दल ट्रेन से धार्मिक यात्रा पर हस्तिनापुर गया था। वापसी में लौटते हुए सूरत जाना था। उक्त ट्रेन का रतलाम आगमन सुबह 6 बजे के बाद का था और अगला स्टॉपेज बड़ौदा था। ऐसे में इन यात्रियों ( वर्षीतप आराधको )को रतलाम में नवकारसी एवं गर्म पानी की आवश्यकता थी।
गुगल से मिले थे संपर्क नंबर
करीब 200 यात्रियों के दल में 150 वर्षीतप तपस्वीयों के लिये गर्म पानी की व्यवस्था और बाकी कार्यकर्ताओं के लिये रतलाम में नवकारसी की व्यवस्था के लिये सर्च किया तो उन्हें विनोद बाफना का सम्पर्क नम्बर मिलने पर विनोदजी से सम्पर्क किया और उपरोक्त सुविधा के लिये निवेदन किया। श्री बाफना ने भी बिना देरी लगाए व्यवस्था के लिये सहमति जता दी। तत्काल सहमति मिलने पर वो लोग थोड़े असहज हो गए कि कही गलत फोन तो नही लग गया। और इसी वजह से उन्होंने दो से तीन बार फोन लगाकर जानकारी ली तो बाफना जी ने यात्रियों को कहा आप निश्चिन्त रहे, मैं खुद भी वर्षीतप तपस्वी हूँ, आपकी सब व्यवस्था अच्छे से हो जाएगी। यही नहीं ललित जी पटवा ने भी साधर्मिक भक्ति का ये अवसर न चुके तथा तपस्वियों को कोई परेशानी न हो इस बात पर सहयोग के लिए सभी को कहा।
भगवान के दर्शन भी करवाए
इतना विश्वास मिलने के बाद उन्होंने एक और निवेदन किया कि कई वर्षी तप तपस्वी भगवान की मूर्ति के दर्शन करने के बाद ही जल ग्रहण करते है तो कृपया मूर्तिजी की व्यवस्था भी करवा दीजिये।तो मंदिर मार्गी कल्याण मित्रों को बोलकर मूर्तिजी की व्यवस्था भी स्टेशन पर करवाई। इधर सेवाभावी संजय मेहता ने सुबह 05 बजे साधर्मिक भवन पर पँहुच कर गरम पानी और नवकारसी की व्यवस्था करवाई । 20 लीटर की 6 केनो में पानी ठार कर भरवाया और तपस्वियों के लिए उपलब्ध करवाया।
भाव विभोर हुए तपस्वी
इस सेवा में जुटे विनोद बाफना, पंकज पटवा, पंकज बरबेटा, संजय मेहता, पारस मेहता सभी व्यवस्था के साथ सुबह 6 बजे स्टेशन पर पँहुचे । स्टेशन की व्यवस्था में रेलवे बुकिंग एजेंट कमल जी दलाल का भी अच्छा सहयोग रहा। यात्रियों ने वर्धमान स्थानकवासी श्री संघ की एवं जैन दिवाकर नवयुवक मंडल के साथियों की इतनी सुंदर व्यवस्था देखी तो प्रफुल्लित हो गए। और प्रतिमा के दर्शन करके वो भाव विभोर हो गए।
सामाजिक सरोकार : वर्षीतप आराधकों को गुगल पर सर्च से मिली थी जानकारी, साधर्मिक सेवा का अनुपम उदाहरण पेश किया जैन दिवाकर नवयुवक मंडल रतलाम ने
