खबर पक्की, 7 जनवरी, रतलाम। मध्य प्रदेश में बाल अधिकार सरक्षण आयोग एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा 6 जनवरी को जिले के स्कूल्स एव कोचिंग में पढऩे वाले बच्चों के आवागमन के साधनों में लापरवाहियों के कारण, प्रदेश में घटित होने वाली सडक दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिये जिले के सभी अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं के संचालकों, प्राचार्यो एवं उनके प्रतिनिधियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गये।
एसपी ने बैठक में दिशा निर्देश दिए
- सप्ताह में दो बार जो बच्चों के स्कूल आवागमन में उपयोगी वाहनों, स्कूल बस, प्राईवेट वेन मेजिक एव अन्य वाहन जो बच्चों को स्कूल आवागमन में उपयोग होते है, उनकी जांच सुनिश्चित हो।
- बसों में सीसीटीव्ही केमरे, दो दरवाजे, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड किट (जो कि एक्सपायर ना हो), फायर एस्टिग्युशर एवं फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
- बसों में बच्चो के लिए अटेण्डर अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
- बसों के ड्रायवर एवं अटेण्डर का पुलिस वेरिफिकेशन करा कर उनके दस्तावेजों का संधारण करना, स्कल की जिम्मेदारी होगी ।
- बच्चों को स्कूल आवागमन हेतु प्रायवेट वाहनों वेन, मेजिक, ऑटो एवं उनके ड्रायवरा अटेण्डर का भी पुलिस वेशिफिकेशन करा कर उनके रिकॉर्ड का सधारण करना स्कूल की जिम्मेदार होगी।
- बच्चो को स्कूल हेतु आवागमन के सभी वाहनों का संचालन अवैध रूप से लगी हुई गैस किट से ना हो, यह सुनिधित किया जावे
- बच्चों को स्कूल हेतु आवागमन के सभी वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चे ना बैठे, यह सुनिशित किया जावे।
- यह भी सुनिशित हो कि स्कूलों के सामने ज़ेब्रा क्रॉसिंग, स्पीड बेकर एवं साईन बोर्ड आदि लगें हो।
उपरोक्त दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित किया जाए।
उक्त बैठक में उप पुलिस अधीक्षक यातायात श्री अनिल राय, ए एस आई सर्वेश द्विवेदी, प्र आर सूबेदार सिंह सेंगर, म आर शशि, आर शिवकुमार, 30 शैक्षणिक संस्थाओं के संचालक एवं प्राचार्य उपस्थित रहे।
