खबर पक्की, 19 नवंबर, रतलाम। समय था रविवार शाम लोक माता अहिल्याबाई का जीवन वृत पर आधारित व्याख्यान माला का व्याख्यान माला के मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध चित्रकार श्री पीयूष जी शर्मा इंदौर थे।
श्री शर्मा ने लोकमात अहिल्याबाई के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई की पहचान एक विनम्र एवं उदार शासन के रूप में थी उनके हृदय में जरूरतमंदों गरीबों और असहाय व्यक्तियों के लिए दया और परोपकार की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी उन्होंने समाज सेवा के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया था उनका त्याग इतना अनुपम , उनका साहस इतना असीम, उनकी प्रतिभा इतनी उत्कंट, उनका संयम इतना कठिन और उनकी उदारता इतनी विशाल थी की उनका नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जा चुका है उनके पवित्र चरित्र और विराट प्रेम ने उन्हें जीवन में लोकमाता का वह उच्चासन दिया, जो संसार में बड़े सम्राटों साम्राज्ञीयों को भी सुलभ नहीं रहा।
उक्त विचार आनंद कॉलोनी स्थित कैलाश नाथ काटजू विधि महाविद्यालय में आयोजित व्याख्यान माला में कहीं व्याख्यान माला कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही मेडिकल कॉलेज की डीन डॉक्टर अनीता मुथा ने कहां की लोकमाता अहिल्याबाई को अपना आदर्श मानती हूं क्योंकि मेरा भी जन्म स्थान अहमदनगर जिला रहा है मैंने उनकी जन्म और कर्मभूमि को काफी नजदीक से देखा और जिया है उनके विचारों और कुशल व्यक्तित्व को जीवन में उतरना चाहिए।
इस अवसर पर व्याख्यान माला में बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन मौजूद रहे जिन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन वृत तल्लीनता के साथ सुना इस दौरान परिसर में उनके जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का भी सभी ने अवलोकन कर सराहा। व्याख्यान माला की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की इसके बाद सोनाक्षी चावला ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की अतिथि परिचय कपिल व्यास ने दिया एकल गीत अनुभूति हिर प्रस्तुत किया वंदे मातरम प्रियांशी देवड़ा ने प्रस्तुत किया तत्पश्चात समिति की ओर से अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट सम्मान किया।
आभार प्रदर्शन स्वामी विवेकानंद व्याख्यान माला समिति के अध्यक्ष विप्पी छाबड़ा ने माना। कार्यक्रम में व्याख्यान माला के सचिव डॉ हितेश पाठक, अनुज जी छाजेड़, श्रीमती सुनीता छाजेड़, प्रवीण रामावत, कपिल व्यास, विजय जोशी एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
लोक माता अहिल्याबाई का जीवन वृत
