खबर पक्की : 10 नवंबर रतलाम, इरादे और जज्बा हो तो हर मुश्किल आसान है जी हां इस बात को चरितार्थ किया है रतलाम के गौतम व्यास ने। मेहंदी कोई बालाजी के पास सिटी प्लाजा मल्टी में रहने वाले दीपक व्यास और लीना व्यास के सुपुत्र गौतम व्यास का बचपन से सपना था कि पहाड़, जंगल, नदिया, समंदर और रफ्तार व रोमांच से भरी जिंदगी जीना और इसके लिए सेना में भर्ती होना चाहते थे। कक्षा आठवीं से सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ से उन्होंने पहला प्रयास किया फिर राष्ट्रीय सुरक्षा अकादमी की परीक्षा दी फिर एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट दिया फिर कंबाइन डिफेंस सर्विस का टेस्ट दिया इस प्रकार टेस्ट देते देते आठवां टेस्ट उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन के लिए दिया और हजारों युवाओं के बीच अंत में फाइनल टेस्ट के लिए बचे 280 युवाओं में तीन का चयन हुआ और रतलाम के गौतम व्यास ने लेफ्टिनेंट की परीक्षा पास कर अंततोत्वा गतवा सेना में भर्ती होने के सपने को सरकार किया और अफसर के पद पर सिलेक्शन हो गया। अभी वह टाटा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंसेज तुलजापुर महाराष्ट्र से m a फाइनल की परीक्षा देकर मार्च में ट्रेनिंग के लिए मद्रास जाएंगे जहां उनकी 15 महीना की ट्रेनिंग के बाद पासिंग आउट परेड होगी। दिवाली के दिन जब लेफ्टिनेंट की परीक्षा और फिजिकल फिटनेस टेस्ट निकालने के बाद रतलाम आए तो परिवार वालों और इष्ट मित्रों ने उनका ढोल धमाका से स्टेशन पर जाकर स्वागत किया। गौतम व्यास और परिवार के लोगों की आंखों में खुशी के आंसू देखते ही बनते थे। संपूर्ण रतलाम के साथ-साथ रतलाम के श्रीमाली समाज और सनातन समाज को भी उन्होंने गोरवानवित किया। खबर पक्की परिवार उनको सेना में अफसर चुने जाने पर बधाई देता है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है।

