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क्या मूक बधिरों का शहर है रतलाम, पेड़ कटाई का मामला बाउंड्री वॉल व भूमि भ्रष्टाचार तक पहुंचा

BySurendra Jain

Jun 9, 2018

रतलाम। स्थानीय मांटेसरी स्कूल की जमीन पर 29 मार्च को यूकेलिप्टस व गुलमोहर के दो हरे भरे पेड़ काट दिए जाने की शिकायत थाना स्टेशन रोड और नगर निगम को की गई थी दोनों पेड़ काटे जाने की वजह यह थी कि उक्त जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाने का कार्य किया जा रहा था और उस बाउंड्री वॉल के लिए ना तो कोई टेंडर जारी किया गया था ना किसी सरकारी मद से पैसा जारी हुआ था उसके बाद भी जब बाउंड्री वाल का काम चल रहा था तो सूचना के अधिकार में जानकारी मांगे जाने पर यह ज्ञात हुआ की बाउंड्री वॉल के लिए किसी भी सरकारी मद से कोई पैसा नहीं दिया गया है मौके पर बाउंड्री वॉल बनाने वाले ठेकेदार ने बताया था। उक्त बाउंड्री वाल जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोमेश मिश्रा के कहने से बनाई जा रही है और उक्त कार्य के लिए मटेरियल छतरी पुल के निर्माणाधीन ब्रिज से आ रहा है उक्त अवैध तरीके से बनाई जा रही। बाउंड्री वाल के उक्त कार्य को छिपाने के लिए नगर निगम द्वारा एक टेंडर जारी किया गया। जिसमें मांटेसरी स्कूल की जमीन पर दीवाल बनाने का 1000000 रुपए 36000 का टेंडर जारी किया गया और उस टेंडर के अगेंस्ट मारुति एंटरप्राइजेज महू को 960000 में उक्त बाउंड्री वाल का टेंडर दिया गया एक गलती छुपाने के लिए नगर निगम प्रशासन द्वारा दूसरी गलती की गई स्टेडियम और अंबेडकर ग्राउंड के पास की बेशकीमती भूमि जहां पर नवरात्रि का मेला लगता है। नया स्टेडियम बनाना प्रस्तावित है के पास के खाली भूमि को इस तरह दिवाले बना कर जहां जनता के बेशकीमती टैक्स के पैसे और बेशकीमती भूमि को बर्बाद किया जा रहा है। वही मूक बधिर स्कूल को जिसमें नाम मात्र की संख्या में मूक बधिर बच्चे पढ़ते हैं को 4000 स्क्वायर फीट जमीन बगैर नगर निगम परिषद के प्रस्ताव पास किए दी जा रही है एक तरफ वार्डों में छोटे-छोटे काम नहीं हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ इस तरह पैसे की बर्बादी जरूर कुछ दाल में काला है पहले हनुमानताल के सीवरेज प्रकरण और अब मांटेसरी स्कूल की जमीन पर दीवाल का घोटाला और भूमि प्रकरण यह बताता है के शहर के लोग कितनी घोर निंद्रा में है। विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभा नही रहा है और शहर के जिम्मेदार लोग भी अपनी जिम्मेदारी से कतरा रहे हैं यही कारण है कि निगम प्रशासन और प्रशासन के लोग मुकबधिर स्कूल के नाम पर शहर के लोगों को ही मुकबधिर समझने लगे हैं और हालत यह हो गई है कि जिसकी लाठी उसकी भैंस उक्त प्रकरण की जानकारी हाईकोर्ट के वकील अमित कुमार पांचाल द्वारा आज एक पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को दी गई।

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