खबर पक्की : 1 नवंबर रतलाम, प्रदेश के एमएसएमई विभाग के कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने दीप मिलन समारोह पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रदेश में लगने वाले लघु मध्यम उद्योगों में उनके मंत्री बनने के बाद सब्सिडी की बंदर बांटऔर मनमानी को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग कर प्रदेश में लगने वाले सभी उद्योगों का डाटा और उनको स्वीकृत सब्सिडी के लिए एक पोर्टल बनाया गया है जिसमें उद्योग से संबंधित सारी जानकारी फिट की जाती है और उसे स्वीकृत सब्सिडी सरकारी आवंटन मिलते ही और उद्योग की पात्रता पूर्ण होते ही सीधे उसके अकाउंट में चली जाती है। इससे जिला लेवल पर जिला उद्योग महाप्रबंधक और कलेक्टर का हस्तक्षेप पूरी तरह खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि हस्तक्षेप सिर्फ एक ही सूरत में किया जा सकता है कि अगर कोई उद्योग डेढ़ साल से सब्सिडी के लिए पात्र हो गया और किसी कारण से उसके खाते में सब्सिडी ट्रांसफर नहीं हुई और वह बैंक में डिफाल्टर हो गया है या होने वाला है तो पात्रता सूची में उसे प्राथमिकता से सब्सिडी ट्रांसफर की जाएगी। उन्होंने बताया कि 1000 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी इसी तरह से ट्रांसफर की जा रही है। रतलाम को संभाग बनाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में संभाग बनाने की संभावना तलाशने के लिए एक आयोग का गठन किया गया है जो पूरी तरह डिटेल रिपोर्ट देगा और उसके आधार पर ही संभाग बनाने की कार्रवाई भविष्य में की जाएगी। रतलाम में प्रारंभ होने जा रहे हैं इन्वेस्टमेंट जॉन को लेकर उन्होंने काफी विस्तार से बातें बताई और बताया कि इससे किस तरह रतलाम के विकास को चार चांद लगेंगे और किस तरह रतलाम महानगरी विकास की तरफ आगे बढ़ेगा।

