खबर पक्की, 21 अक्टूबर, रतलाम। रतलाम के माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में सूतक में पंडित संजय पुजारी के पूजा-पाठ करने के बाद श्रीमाली समाज के लोगों ने विरोध जताया था। इसके बाद रविवार रात को प्रशासन ने मंदिर में ताला लगाया दिया था। इस मंदिर को दीपावली पर कई करोड़ रुपए के नोटों से सजाया जाता है। सजावट के लिए नोटों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है इसी बीच ये विवाद खड़ा हो गया है।
प्रतिदिन सुबह 6 बजे तक खुलने वाले मंदिर के ताले सोमवार सुबह 8 बजे तक भी नहीं खुले। मंदिर के बाहर श्रीमाली समाज के लोग दर्शन के लिए इंतजार करते रहे। इसके बाद नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय की मौजूदगी में मंदिर का ताला सुबह 8.15 बजे खुला। इसके पहले श्रीमाली ब्राह्मण समाजजनों ने मंदिर के बाहर पूजा-अर्चना की। पंडित संजय दवे ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा कराई।
रतलाम के माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में सूतक में पंडित संजय पुजारी द्वारा पूजा-पाठ करने का विवाद गहराता जा रहा है। विवाद के बीच प्रशासन ने संजय पुजारी के स्थान पर सत्यनारायण पिता दुर्गाशंकर व्यास को मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक नियुक्त किया है।
पंडित संजय पुजारी से भी मंदिर में सजावट के लिए आने वाले रुपयों और आभूषणों की प्रतिदिन की जानकारी मांगी है। वहीं प्रतिदिन सुबह 6 बजे तक खुलने वाले मंदिर के ताले सोमवार सुबह 8 बजे तक भी नहीं खुले। मंदिर के बाहर श्रीमाली समाज लोग आकर एकत्र हो गए। सुबह जल्दी ताला नहीं खुलने से कई श्रद्धालुओं को बाहर से दर्शन कर जाना पड़ा।
8.15 बजे खुले ताले
इसके बाद नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय की मौजूदगी में मंदिर का ताला सुबह 8.15 बजे खोला गया। श्रीमाली ब्राह्मण समाजजनों ने मंदिर के बाहर पूजा की। पूजा-पाठ करने के बाद गंगाजल और गो मूत्र से वैदिक मंत्रोचार के साथ मंदिर का शुद्धिकरण किया गया।
नायब तहसीलदार उपाध्याय ने बताया कि पूर्व पुजारी की शिकायत को लेकर उन्हें हटाया गया है। उनके स्थान पर अभी एक नए पंडित की अस्थाई रूप से नियुक्ति की गई है। सजावट को लेकर 10.30 बजे मीटिंग होगी, उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल मंदिर खोल दिया गया है। श्रीमाली ब्राह्मण समाज अध्यक्ष नयन व्यास ने बताया कि महालक्ष्मी मंदिर हमारा है। समाज की सती मां का भी मंदिर में स्थान है। पुजारी को पूर्व में निवेदन किया था कि सूतक में मंदिर में ना जाएं, लेकिन वह नहीं माने।
11 घंटे बाद खुले रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर के पट:सूतक में पूजा करने पर विवाद के बाद लगाया था ताला, नए पुजारी की भी नियुक्ति
