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जिला स्तरीय जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को दिए निर्देश

BySurendra Jain

Oct 15, 2024

खबर पक्की, 15 अक्टूबर, रतलाम। जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर में संपन्न हुई। एडीएम डा. शालिनी श्रीवास्तव तथा एसडीएम अनिल भाना द्वारा 48 आवेदनों पर जनसुनवाई करते हुए संबंधित विभागों को निराकरण के निर्देश दिए हैं।
जनसुनवाई में ग्राम सिमलावदा निवासी प्रकाश दायमा ने जनसुनवाई में बताया कि ग्राम पंचायत सिमलावदा में तालाब निर्माण कार्य नहीं होने बाद भी रोजगार सहायक व सचिव द्वारा राशि निकाल ली गई है, जबकि लोकेशन पर कोई कार्य नहीं किया गया है। आवेदक ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत दो तालाब निर्माण हेतु 25897 रुपए तथा 196543 निकाली गई जबकि लोकेशन पर काम नहीं किया गया है। इसी प्रकार एक अन्य तालाब निर्माण हेतु राशि 106543 रुपए निकाल ली गई है जबकि लोकेशन पर काम नहीं किया गया है। आवेदन पर जांच का जिम्मा सीईओ जिला पंचायत को सोपा गया है।
ग्राम बांगरोद निवासी ललिताबाई ने आवेदन देते हुए बताया कि प्रार्थिया मेहनत मजदूरी कर अपनी एकमात्र पुत्री का लालन पालन करती है तथा उसके बाद किसी प्रकार की जमीन, खेती-बाडी आदि नहीं है तथा किराये के मकान में निवास करती हूं। प्रार्थिया को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जाए। आवेदन निराकरण के लिए सीईओ जनपद पंचायत को प्रेषित किया गया है।
ग्राम लपटिया निवासी प्रहलाद बलाई ने जनसुनवाई में दिए आवेदन में कहा कि प्रार्थी का एक पैतृक मकान ग्राम लपटिया में स्थित है जो कि प्रार्थी के पिता के नाम पर दर्ज है। उक्त मकान पर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा कब्जा कर लिया गया है। इस सम्बन्ध में उक्त व्यक्ति से बात करने पर उसके द्वारा धमकाया जाता है तथा गाली-गलौच करते हुए मारपीट करने पर उतारू हो जाता है। इस सम्बन्ध में संबंधित पुलिस थाने पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उक्त व्यक्ति द्वारा प्रार्थी का पैतृक मकान अवैधानिक रुप से विक्रय करने की आशंका है। कृपया उचित कार्रवाई कर मकान का कब्जा दिलवाया जाए। आवेदन निराकरण के लिए एसडीओ रतलाम ग्रामीण को भेजा गया है।
ग्राम शिवजी का टापरा सैलाना निवासी मान्या गामड ने आवेदन में बताया कि प्रार्थी के संयुक्त स्वामित्व व आधिपत्य की कृषि भूमि ग्राम में ही स्थित है। उक्त भूमि रेलवे मण्डल द्वारा अधिग्रहित कर ली गई है। प्रार्थी को रेलवे मण्डल द्वारा उक्त भूमि का मुआवजा 19 लाख से अधिक स्वीकृत किया गया था जबकि प्रार्थी को मुआवजा 28 लाख 57 हजार से अधिक मिलना चाहिए। इस राशि में से प्रार्थी की भूमि के सहखातेदार को 4 लाख 76 हजार से अधिक राशि प्राप्त हो चुकी है, शेष राशि का भुगतान करवाने की कृपा की जाए। आवेदन निराकरण के लिए भू-अर्जन विभाग को प्रेषित किया गया है।

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