खबर पक्की : 19 सितंबर जबलपुर, 96 से 99 के बीच रतलाम sdm रहे वर्तमान में जबलपुर के जांबाज कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा एक 95 वर्ष के वृद्ध की कीमती जमीन जो कि राजस्व न्यायालय में कार्यरत महिला कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा तहसीलदार आर आई पटवारी की मिली भगत से फर्जी कागज बनाकर अपने नाम करवा ली गई थी। को जिस तत्परता पूर्वक कार्रवाई करते हुए वृद्ध की जमीन को उसके नाम पर करवा कर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ थाने में एफआईआर करवाई गई वह काबिले तारीफ है। काश सभी कलेक्टर दीपक सक्सेना की कार्यशैली से प्रेरणा लेकर अपने मातहत कर्मचारियों की इस गंभीर आपराधिक आचरण पर कार्रवाई शुरू कर दे तो मजाल के राजस्व न्यायालय में गलत कार्य हो पाए। लेकिन कलेक्टरों को अपने आर्थिक लाभों को त्यागे बिना यह संभव नहीं है। लेकिन कलेक्टर दीपक सक्सेना की इस साहसिक और न्यायिक कार्रवाई के खिलाफ आज पूरे मध्यप्रदेश में तहसीलदारों ने जो हड़ताल की है उससे जनमानस में तहसीलदारों की छवि और धूमिल हुई है और जनता में यही प्रतिक्रिया आई है कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार कोई यदि खत्म करना है तो कलेक्टर दीपक सक्सेना की कार्रवाई को प्रोटेक्ट करते हुए बाकी कलेक्टरों को भी यही संदेश देना चाहिए की आप गलत के नहीं सही के साथ है।

