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किसानों का जल सत्याग्रह, खेत पर जाने का रास्ता नहीं, बहती नदी के बीच पानी में बैठ जताया विरोध

BySurendra Jain

Sep 18, 2024

खबर पक्की, 18 सितंबर, रतलाम। जिले के हतनारा गांव के किसानों ने बुधवार को जल सत्याग्रह पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि उनके खेतों में जाने का रास्ता नहीं है। इस कारण फसल बर्बाद हो जाएगी। पूर्व में कई बार जिला प्रशासन को अवगत करा चुके है। लेकिन, किसी ने ध्यान नहीं दिया।
हतनारा गांव रतलाम से करीब 18 किमी दूर खाचरौद रोड पर है। गांव के बीच कुड़ेल नदी है। नदीं के पास गांव के करीब 200 से अधिक किसानों के 1800 से 2 हजार बीघा जमीन है। बारिश के कारण खेतों में जाने का रास्ता नहीं बचा है। बीच में नदी आती है, जिसे पार कर जाना पड़ता है। नदी में अभी पानी है। बहाव भी है। गांव से निकल रहे रास्ते पर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। ट्रैक्टर से लेकर पशु को भी नहीं ले जा सकते। खेती नदी के पार है। ज्यादा समस्या बारिश में आती है।
पानी में किसानों के बैठने की जानकारी मिलने पर रतलाम जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ निर्दशक शर्मा भी पहुंचे। बांगरोद पुलिस चौकी प्रभारी आनंद बागवान समेत पुलिस कर्मी पहुंचे। अतिरिक्त सीईओ ने ग्रामीणों से चर्चा से की। ग्रामीण विधायक मथुरलाल डामर से भी चर्चा कराई। लेकिन ग्रामीण मानने के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि कलेक्टर आएंगे तभी हम यहां से उठेंगे।
हर बारिश में आती है समस्या
ग्रामीण समरथ पाटीदार ने बताया- पहले भी कई बार रास्ते को लेकर ग्राम पंचायत से लेकर जिला प्रशासन को आवेदन दे चुके हैं। लेकिन, कोई ध्यान नहीं देता। हर बार बारिश में समस्या आती है।
चर्चा कर समाधान निकालेंगे
अतिरिक्त सीईओ शर्मा ने बताया किसानों की मांग सुनी है। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर समस्या का हल किया जाएगा।

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