खबर पक्की : 26 जुलाई रतलाम, आज इंदौर उज्जैन संभाग के डीआईजी स्टांप रजिस्ट्रेशन बालकृष्ण मौर्य लोगों की समस्या जानने रतलाम आए। ज्ञातव्य है के लोगों को दस्तावेज पंजीयन कराने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और पांच-पांच दिन की वेटिंग चल रही है। लेकिन लगता है डीआईजी साहब को लोगों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है यही कारण है कि रजिस्ट्रार ऑफिस का पूरा अमला वर्किंग अवर्स होने के बाद भी डीआईजी साहब की सेवा चाकरी में लग गया और पहले से परेशान लोग और परेशान हो गए। कायदे से वर्किंग अवर्स में मीटिंग करने या मिलने की बजाय या तो सुबह उन्हें जल्दी आकर लोगों से मिलना था या फिर शाम को वर्किंग अवर्स के बाद मिलना चाहिए। खैर वर्किंग अवर्स में भी उन्होंने लोगों को मिलने के लिए काफी देर तक इंतजार करवाया एक घंटा तो नाश्ते में ही पूरा हो गया। उसके बाद भी जब लोग मिले तो वह अपनी पीठ खुद ही ठोकते रहे कहने लगे संपदा वन 2002 की तकनीक थी जो 2014 में लागू की गई थी जिसको बचाने के लिए आप लोग लड़ रहे हैं और संपदा 2 2022 की तकनीक है जिससे आने वाले समय में काम बहुत फास्ट होगा। लेकिन सर्विस प्रोवाइडर द्वारा बताए गए किसी भी समस्या का निदान नहीं हुआ। इस अवसर पर प्रॉपर्टी ब्रोकर्स एसोसिएशन द्वारा भी भेंट की गई और ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया गया उन्हें भी आश्वासन की लॉलीपॉप देकर डीआईजी साहब इंदौर के लिए रवाना हो गए। कुल मिलाकर लोगों की समस्याओं का निदान अभी नहीं होना तय है । 31 तारीख के बाद संपदा टु ही चालू रहेगा संपदा वन बंद कर दिया जाएगा। इससे लोगों की समस्याएं वक्ति तौर पर और बढ़ना निश्चित है।

