खबर पक्की : 24 जुलाई रतलाम, पूर्व में दस्तावेज पंजीयन विभाग में यू तो गाहे बगाहे समस्याएं आती रहती थी। लेकिन मोहन यादव सरकार में यह स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। दस्तावेज सेवा प्रदाताओं ने बताया कि विभाग द्वारा एक जून से नया सॉफ्टवेयर संपदा टू लांच किया गया है और सेवा प्रदाताओं पर दबाव बनाया जा रहा है कि इस पर रजिस्ट्री की सेवाएं प्रदान करें। लेकिन सेवा प्रदाताओं की माने तो उस सॉफ्टवेयर में बहुत अड़चन है और संपत्तियों की मैचिंग नहीं हो पा रही है और पूरा-पूरा दिन खराब हो रहा है और उनकी पहली पसंद अभी भी संपदा वन साफ्टवेयर ही है लेकिन उस पर स्लाट बुकिंग लिमिटेड कर दिए जाने से पंजीयन के लिए दो-दो तीन-तीन दिन की वेटिंग चल रही है 5 मिनट में रजिस्ट्री का दावा करने वाली सरकार को बताना चाहिए कि दावे के उलट पंजीयन के लिए लोग 2,2,3,3,4 दिन क्यों भटक रहे हैं। कई दिनों से दस्तावेज पंजीयन के लिए प्रयासरत मुंदड़ी के रहने वाले कान्हा पिता नाथा आदिवासी ने बताया कि 15 दिन से दस्तावेज पंजीयन के लिए प्रयास कर रहे हैं सारी फॉर्मेलिटी दस्तावेज कंप्लीट कर लेने के बाद आज रजिस्ट्री होने का बोला था रजिस्ट्री के लिए काफी खर्च करके बीमार व्यक्तियों को₹3000 खर्च कर तूफान गाड़ी से लाए थे लेकिन पता चला कि दो दिन के लिए स्लॉट नहीं है और अब दो दिन बाद का स्लॉट बुकिंग हुआ है तो फिर खर्च करके लाना पड़ेगा इसी बीच बीमार व्यक्तियों को कुछ हो गया तो भगवान ही मालिक है। उन्होंने बताया कि मुंदड़ी की तीन बीघा जमीन की रजिस्ट्री होना थी जिसके लिए रामी बाई, सुगन बाई, और मोहन बाई जो की बहुत ही बीमार होकर उनकी बूआ है को गाड़ी से लेकर आए थे। लेकिन रजिस्ट्री ना होने के कारण वापस जा रहे हैं सरकार को हम गरीबों की चिंता करके पंजीयन विभाग में सुधार करना चाहिए आखिर क्यों सरकार मरे हुए को और मारना चाहती है।

