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गुरु आपकी आत्मा को प्रकाशित करते है, अदभुत है गुरु की महिमा : साध्वी श्री पुण्य प्रभा जी

BySurendra Jain

Jul 21, 2024

खबर पक्की, 21 जुलाई, रतलाम। गुरू की कृपा अगर मिल जाती है तो जीवन सफल हो जाता है मन से अहम भाव निकाल दे तभी गुरु से कुछ सीख पाते है गुरू आपकी आत्मा को प्रकाशित करते है हमारे जीवन में बहुत ही अदभुत है गुरू की महिमा । उक्त उदगार आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वीश्री पुण्य प्रभा जी ने चार्तुमास के प्रथम दिन गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तेरापंथ सभा भवन में उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होने आगे कहा कि जैन, बौद्ध, सनातन सभी धर्मों में इस दिन को किसी ना किसी रूप में अवश्य मनाया जाता है इसे गुरू पूर्णिमा के नाम से भी मनाया जाता है क्योंकि इस दिन वेद व्यास जी का जन्म हुआ था । क्योंकि भगवान बौद्ध ने सारनाथ बौद्यि प्राप्ति के बाद अपनी देशना इसी दिन दी ।
जैन धर्म चार्तुमास का प्रथम दिन होने के कारण इसी दिन की विशेष मान्यता है इस दिन केवल्य प्राप्ति के बाद भगवान महावीर ने अपने प्रमुख शिष्य गौतम को अपना शिष्य बनाया। गुरू पूर्णिमा को तेरापंथ धर्म सभा में अत्यंत महत्वपूर्ण दिन के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन तेरापंथ के आद्य प्रवर्तक आचार्य भिक्षु ने साधना के पथ का बोध प्राप्त कर एक नई परंपरा की स्थापना की । जो तेरापंथ धर्मसघ के रूप में प्रकट हुई और इसी दिन उन्होंने भावदीक्षा ग्रहण की। आप उनके द्वारा प्रवर्तित धर्म संघ आचार्य श्री महाश्रमणजी की कुशल अनुशासना में प्रवर्धमान है।
भारतीय संस्कृति में आषाढ़ी पूनम का विशेष महत्व रहा है। वर्प भर अन्य पूर्णिमा भी आती है उस दिन चांद भी अपनी पूर्ण अवस्था में होता है फिर भी इस पूर्णिमा का महत्व कुछ और ही हो जाता है। क्योंकि भारत कृषि प्रधान देश है तथा भारतीय कृषि बरसात पर आधारित है और वर्षा ऋतु का प्रारम्भ इसी पुर्णिमा से होने के कारण यह महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष श्री विजय वोरा ने संबोधित करते हुए समाजजनों से आग्रह किया है कि हमें सौभाग्य से साध्वी भगंवतों का इस चार्तुमास में हमको सानिध्य मिला है जिसका हम लोग अधिक से अधिक धर्म लाभ लें। प्रवचन में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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