खबर पक्की, 5 जुलाई, रतलाम। रतलाम अन्तर्गत् भारत शासन के दिशा निर्देश अनुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा के सफल मार्गदर्शन और नोडल अधिकारी सहायक संचालक कुमारी अंकिता पण्ड्या के नेतृत्व में महिला बाल विकास के अमले और वनस्टॉप सेण्टर रतलाम और जावरा द्वारा 1 जुलाई से 5 जुलाई तक हब अन्तर्गत् तृतीय सप्ताह की थीम ‘भारतीय न्याय संहिताÓ पर शासकीय कन्या महाविद्यालय, महिला आईटीआई रतलाम, शा. महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उ.मा.वि., शा. नवीन कन्या उ.मा.मव., कन्या शाला सैलाना, बरखेड़ा कला थाना आलोट, सरस्वती विद्या मंदिर उ.मा.वि. जावरा, शा. कन्या स्कूल बाजना, विभिन्न ऑंगनवाड़ी केन्द्रों पर समझाईश दी गई। महिलाओं और बालिकाओं द्वारा पूर्ण उत्साह और जिज्ञासा के साथ ‘भारतीय न्याय संहिताÓ के बारे में समझा गया। 03 नये कानून के बारे में समझाया गया।
महिला आईटीआई रतलाम की हिन्दी स्टेनोग्राफी ट्रेड की पूर्व में छात्रा रही महिला बाल विकास की लिपिक श्रीमती यशोदाकुंवर राजावत से रूबरू होने में बालिकाओं का आत्मनिर्भर होने का मनोबल बढ़ा। श्रीमती यशोदा द्वारा बालिकाओं को आत्मनिर्भर होने का संदेश दिया साथ ही अपने माता-पिता से अपने मन की सभी बातें सांझा करने की सलाह दी, साथी ही महिला आईटीआई के प्राचार्य ए.के. श्रीवास्तव के चरण स्पर्श कर शिक्षक सम्मान की पहल की एवं बालक बालिकाओं से शिक्षक सम्मान और अपनी समस्याओं को शिक्षकों से सांझा करने हेतु अपना उद्बोधन दिया। जब बालिका ने अपनी ही आईटीआई की बालिका यशोदा को उदबोधन देते हुए देखा तो बालिकाएं भाव विभोर हो गई और आत्मनिर्भर होने हेतु दृढ संकल्पित हुई।
आयोजन में मुख्य रूप से वनस्टॉप सेण्टर रतलाम की कुमारी माया, कल्पना योगी, रूपा देवड़ा, नीता परिहार, वनस्टॉप सेण्टर जावरा से कुमारी अनिता वाडेल, कुमारी मोनिका कश्यप, महिला बाल विकास के पर्यवेक्षकों, कन्या महाविद्यालय और शा. स्कूलों के प्राचार्यों का सराहनीय योगदान रहा।
हब अन्तर्गत् तृतीय सप्ताह ‘भारतीय न्याय संहिताÓ पर आयोजन सम्पन्न, साथ ही बालक बालिका और माता-पिता के बीच संवाद पर दिया जोर
