खबर पक्की, 2 जुलाई, रतलाम। जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने प्रदेश स्तरीय आव्हान पर सोमवार को अपनी लंबित मांगों के निराकरण को लेकर जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। गुलाब चक्कर से रैली निकाल बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने कलेक्टोरेट में पहुंच जमकर नारेबाजी की। सीएम के नाम ज्ञापन तहसीलदार ऋषभ ठाकुर को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान 7 सूत्रीय मांगों के निराकरण का ज्ञापन सौंपा। जिसमें 10 दिन में समस्याओं के निराकरण की मांग की है। नहीं तो पुन: आंदोलन की चेतावनी दी है।
कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का कहना था कि विभाग द्वारा सौंपे गए दायित्वों व कार्यों को हम निष्ठा पूर्वक करते है। अन्य विभागों के कार्य भी हमसे कराए जाते है। ऐसी कोई भी योजना व कार्यक्रम नहीं है जिसमें हमारी सहभागिता न हो। इसके बावजूद भी हमारे साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार नहीं किया जाता।
एक ओर सरकार हमें स्कीम वर्कर बता कर हमारी सुविधाओं का ध्यान नहीं रख रही है। दूसरी ओर हमारे ऊपर कार्रवाई के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा सारे शासकीय नियम लागू कर दिए जाते है। हमारे काम का समय निर्धारित होने के बाद भी किसी भी समय हमसे कोई भी जानकारी मांगी जाती है। कहीं भी हमारी ड्यूटी लगाई जाती है।
इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका मिनी कार्यकर्ता संघ मध्यप्रदेश के प्रदेश संयुक्त महामंत्री हेमलता शर्मा, जिला सचिव स्वाति जोशी, उपाध्यक्ष दीपिका चौहान, भागवंता सेन समेत जिले भर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं व सहायिकाएं मौजूद रही।
इन मांगों के निराकरण की मांग
- संपर्क एप पर कार्य न कराया जाए। संपर्क एप पर कार्य न करने पर मानदेय में कटौती या अन्य कार्रवाई नहीं की जाए।
- अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अभद्रतापूर्ण व्यवहार पर रोक लगाई जाए।
- मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फूल आंगनवाड़ी कार्यकर्ता किया जाए। केंद्र के आदेश अनुसार 10 दिवस में फूल आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की कार्यवाही की जाए।
- कार्यकर्ता पद पर सहायिकाओं को पदोन्नति में आयु सीमा का बंधन हटाया जाए।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर अनुबंध बीमा के आदेश लागू किए जाए।
नई शिक्षा नीति के अंतर्गत जो स्कूलों में प्री प्राइमरी शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है उसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को प्राथमिकता देने समेत आदि मांगों को रखा गया।
