• Thu. Oct 29th, 2026

रतलाम में टोल नाके पर बीजेपी नेताओं का प्रदर्शन : वाहनों को फ्री में जाने देने की मांग, तहसीलदार ने कहा मार लो, तोड़ दो या तो शांति से बात कर लो

BySurendra Jain

Jun 16, 2024

खबर पक्की, 16 जून, रतलाम। जिले के जावरा-लेबड़ चिकलिया फोरलेन टोल नाके पर रविवार दोपहर बीजेपी नेताओं ने ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन किया। नेताओं की मांग थी टोल नाके के 20 किमी क्षेत्र के रतलाम ग्रामीण के वाहनों को फ्री में छोड़ा जाए। स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाए। इस दौरान ग्रामीण उत्तेजित होने लगे। टोल के अधिकारियों को बाहर बुलाने की मांग करने लगे।
ग्रामीण तहसीलदार पिंकी साठे लोगों को समझाने की कोशिश करती रही। लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं था। आंदोलन में रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर व पूर्व विधायक दिलीप मकवाना भी पहुंचे। जब लोग बात नहीं सुन रहे थे तो विधायक के सामने ही ग्रामीण तहसीलदार पिंकी साठे ने कहा कि मार लो, तोड़ दो। हम लोग चले जाते है या तो शांति से बात कर लो। रतलाम ग्रामीण विधायक ने कहा कि टोल पर यूपी के लोग नहीं चलेंगे। लोकल लोगों को काम दिया जाए।
रतलाम से 18 किमी दूर स्थित बिलपांक थाना अंतर्गत स्थित टोल कर्मचारियों द्वारा दादागिरी, आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों से टोल नहीं वसूलने, स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग को लेकर रविवार दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भीड़ को देखते हुए टोल को फ्री करना पड़ा। एक घंटे तक टोल दिए करीब एक हजार वाहन निकल गए।
प्रदर्शन को देखते हुए टोल नाके पर पहले जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी बल के साथ मौजूद रहे। सबसे पहले प्रदर्शन में ग्रामीणों के साथ पूर्व विधायक दिलीप मकवाना, भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिलाउपाध्यक्ष शुभम गुर्जर, भाजपा नेता विशालय जायसवाल पहुंचे। इसके बाद रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर पहुंचे। ग्रामीणों द्वारा टोल नाके पर वसूली को लेकर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया। स्थानीय लोगों को रोजगार देने के बजाए उत्तरप्रदेश के लोगों से कार्य करने पर भी नाराजगी जाहिर की।
भीड़ सुनने के लिए तैयार नहीं
प्रदर्शन कर रहे नेता व ग्रामीणजन टोल नाके के मैनेजर को बाहर बुलाने की मांग करने लगे। एक बार तो अधिकारी बाहर आए। लेकिन भीड़ उत्तेजित होने लगी। जो लोग प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे उनकी भी बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे। तब पुलिसकर्मी टोल नाका मैनेजर को टोल ऑफिस में लेकर चले गए। उसके बाद भीड़ वहां पहुंची। लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। नेताओं की मांग पर टोल मैनेजर प्रदीप शर्मा ने अनुबंध के आधार पर नियमों के तहत ही टोल लेने की बात कही। स्थानीय लोगों को रोजगार देने की बात पर कंपनी के अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही। फिर भी नेता व भीड़ मानने के लिए तैयार नहीं थी। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी समझाया। टोल मैनेजर मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए।
पिस्टल अड़ाने वाले भाजयुमो नेता भी प्रदर्शन में शामिल
चिकलिया टोल नाके पर चार माह पूर्व पिस्टल अड़ाकर मैनेजर और कर्मचारियों को डराने-धमकाने के आरोप में बिलपांक थाने पर भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष शुभम गुर्जर और उसके भाई समेत अन्य के खिलाफ रंगदारी और हफ्ता वसूली की धाराओं में पुलिस केस दर्ज किया था। जिसके बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा था। केस दर्ज होने बाद युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष के पद से गुर्जर को हटा दिया था। बाद में कुछ दिनों जमानत हो गई। रविवार को प्रदर्शन के दौरान भी पूर्व जिला उपाध्यक्ष अपने साथियों व पूर्व विधायक मकवाना के साथ प्रदर्शन की अगुवाई करते नजर आया।
विधायक बोले यूपी के लोग नहीं चलेंगे
रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना ने कहा कि हमने नहीं जनता ने आंदोलन किया है। रतलाम ग्रामीण में जब से टोल चालू किया था तब से गाडिय़ा फ्री में जा रही है। जब से नया ठेकेदार आया है तब से वसूली चालू कर दी है। जबकि पहले आधार कार्ड दिखाकर छोड़ा जा रहा था। हमारी मांग है रतलाम ग्रामीण के लोगों से टोल नहीं वसूला जाए। यूपी के लोग यहां पर नहीं चलेंगे। लोकल लोगों को रोजगार देने की मांग की है।
रतलाम ग्रामीण एसडीएम त्रिलोचन गौड़ ने कहा बिलपांक टोल नाके के आसपास की जनता ने अपनी मांगों को रखा है। टोल कंपनी द्वारा कंपनी संचालक से बात कर नियमानुसार मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया है।
टोल मैनेजर प्रदीप शर्मा ने बताया 20 किमी तक के रहवासियों को फ्री में निकालने की मांग की है। 10 किमी मंथली पास का प्रावधान है। कंपनी व शासन के अनुबंध के अनुसार हम लोग कार्य कर पाएंगे।

You missed

error: Content is protected !!