• Thu. Oct 29th, 2026

प्राचीन पेयजल स्त्रोतों को सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी : मंत्री श्री काश्यप, श्री कसारा उंकाला गणेश मंदिर बावड़ी की हुई साफ-सफाई

BySurendra Jain

Jun 10, 2024

खबर पक्की, 10 जून, रतलाम। विरासत में मिले प्राचीन जल स्त्रोतों को सहेजना नगर के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है, रियासत काल में इन्ही जल स्त्रोतों से नगर के नागरिकों को पेयजल उपलब्ध होता था।
उक्त उद्गार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, मंत्री मध्यप्रदेश शासन एवं विधायक रतलाम शहर चेतन्य काश्यप ने श्री कसारा उंकाला गणेश मंदिर बावड़ी की साफ-सफाई व बावड़ी परिसर में पौधा रोपण के अवसर पर व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि प्राचीन बावड़ी व कुओं को सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी है नागरिक इन जल स्त्रोतों को सहेजने के साथ ही पेयजल का उपयोग मितव्ययिता से करें साथ ही भू-जल को बढाने हेतु अपने भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से लगायें।
निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि शहर के प्राचीन जल स्त्रोतों के सफाई का कार्य तो नगर निगम द्वारा किया जा रहा है नागरिकों का भी कर्तव्य है कि वे इनमें पूजन सामग्री व कचरा नहीं डालें।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, मंत्री मध्यप्रदेश शासन एवं विधायक रतलाम शहर चेतन्य काश्यप द्वारा मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 10 जून सोमवार को कसारा उंकाला गणेश मंदिर बावड़ी की साफ-सफाई के कार्य में श्रमदान के साथ ही व बावड़ी परिसर में पौधा रोपण किया गया।
उक्त अवसर पर निगम आयुक्त हिमांशु भट्ट, जलकार्य एवं सीवरेज समिति प्रभारी भगतसिंह भदौरिया, मंडल अध्यक्ष मयूर पुरोहित, क्षेत्रिय पार्षद श्रीमती उमा डोई, कसेरा समाज की पार्षद श्रीमती प्रीति कसेरा, पूर्व महापौर परिषद सदस्य मंगल लोढ़ा, पवन सोमानी, पार्षद प्रतिनिधि रामचन्द्र डोई, रमेश पांचाल, संजय कसेरा के अलावा श्रीमती भारती पाटीदार, गोपाल शर्मा, निगम अधिकारी जी.के. जायसवाल, सुहास पंडित, अनवर कुरेशी, बी.एल. चौधरी, ए.पी. सिंह, कार्यालय अधीक्षक गोपाल झालीवाल, उपयंत्री, झोन प्रभारी सहित निगम कर्मचारी तथा नागरिक उपस्थित थे।

You missed

error: Content is protected !!