खबर पक्की : 3 मई रतलाम, कोई अधिकारी ठान ले तो अपने आसपास के नीरस पर्यावरण को वातावरण को काफी हद तक सुखद पर्यावरण में बदल सकता है। जी हां यह बात पर्यावरण प्रेमी रतलाम ग्रामीण तहसीलदार पिंकी साठे व नायब वतहसीलदार बिलपांक मनोज चौहान पर बिल्कुल फिट बैठती है। कलेक्टर राजेश बाथम के कुशल नेतृत्व में रतलाम ग्रामीण एसडीम के मार्गदर्शन में उन्होंने ग्रामीण तहसील कार्यालय की पूरी काया पलट कर दी है। इस काया पलट के संदर्भ में जब खबर पक्की ने उनसे चर्चा की तो उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से ही पेड़ पौधों हरियाली से काफी लगाव रहा है बिगड़ते पर्यावरण पर चिंता करते हुए उन्होंने एक शायर की पंक्ति दोहराई की हरे दरख़्त ना सही हरी घास तो रहने दो, जमीं के जिस्म पर कुछ तो लिबास रहने दो। आप ग्रामीण तहसील कार्यालय काफी दिनों से नहीं गए हैं तो एक बार अवश्य जाइए यहां पूर्व में गैरेज बिल्डिंग थी जो काफी दयनीय अवस्था में थी अधिक काजल से बातचीत करके उन्होंने उस बिल्डिंग को तुड़वाकर तो परिसर में शानदार चार लान बना दिए ऑनलाइन को हरा भरा रखने के लिए स्प्रिंकलर की व्यवस्था कर दी और परिसर में काफी वृक्ष लगा दिए और आने वाली जनता के बैठने के लिए बेंचो की व्यवस्था कर दी अब आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को हरियाली को देखकर एक सुखद एहसास होता है और ग्रामीण जनता पेड़ की छाया में बैठकर इस तपती दोपहर में आराम का अनुभव करती है।

फ़ोटो रतलाम ग्रामीण तहसील परिसर का
