खबर पक्की, 6 अप्रैल, रतलाम। मंगलवार दोपहर फोरलेन किनारे मिला युवती के अर्धनग्न शव की शिनाख्त हो गई। युवती गांव नरेड़ीबेरा (तहसील खाचरौद) जिला उज्जैन की रहने वाली थी। युवती रतलाम में किराये के मकान में अकेली रहकर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। पुलिस ने पांच दिन तक शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने शुक्रवार को शव दफना दिया था। परिजनों के सामने आने के बाद पुलिस ने शनिवार शाम शव को गड्ढा खोदकर वापस निकाला है।
बता दें कि 2 अप्रैल को ढोढर के समीप फोरलेन स्थित रुपनगर फंटे से अंदर एक अर्धनग्न युवती की लाश मिली थी। युवती की गला रेत कर हत्या की गई थी। युवती के गले में सोने की चेन, हाथ में अंगूठी व कान में सोने के टॉप्स थे। इससे संभावना जताई गई कि युवती की हत्या लूट के इरादे से नहीं की गई है। घटना के बाद से पुलिस शव की शिनाख्ती के प्रयास में जुटी हुई थी, लेकिन उसे शनिवार को सफलता मिली। शनिवार सुबह उज्जैन जिले के नरेड़ी गांव के धीरेंद्रसिंह पिता भरतसिंह राठौर परिजनों के साथ रतलाम औद्योगिक पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि बहन का मोबाइल पिछले चार दिन से बंद है। किराये के घर पर ताला लगा हुआ है।
तब पुलिस ने मंगलवार को ढोढर में मिले शव के फोटो परिजनों को दिखाए तो उन्होंने शिनाख्त कर ली। मृतिका का नाम सविता (20) पिता भरतसिंह राठौर है। भाई धीरेंद्रसिंह ने बताया कि उनके पिता नहीं है। बहन रतलाम में राम मंदिर के पीछे सखवाल नगर में अकेली रह कर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। राम मंदिर क्षेत्र स्थित सुप्रीम नर्सिंग एकेडमी पर कोचिंग पर वह जाती थी। पिता का निधन दो साल पहले हो चुका है। घर में मां राजू कुंवर, भाई धीरेंद्र सिंह (18) व एक छोटी 16 वर्षीय बहन है।
रविवार को हुई थी आखरी बार बात
मृतिका के भाई धीरेंद्र सिंह ने बताया रविवार को आखिरी बार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच उसकी बहन सविता से बात हुई थी। तब नार्मल ही बातचीत हुई थी। सोमवार को कॉल किया तो बंद आया। बहन अधिकतर मोबाइल स्वीच ऑफ रखती थी। हमने इसके बाद भी लगातार कॉल किया। लेकिन मोबाइल बंद ही मिला। इसके बाद चिंतित भाई और परिजन शनिवार सुबह रतलाम पहुंचे। औद्योगिक क्षेत्र थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराने के दौरान उन्हें पता चला कि उसका शव 2 अप्रैल को ढोढर क्षेत्र में पाया गया है।
मृतिका के मामा गजरासिंह पिता शंभूसिंह ने बताया कि होली पर भानजी सविता घर आई हुई थी। वह रविवार को भानजे धीरेंद्र सिंह के साथ भानजी सविता को रतलाम लेकर आए थे। सुबह 9.30 बजे रतलाम बस स्टैंड पर छोड़ा था। भानजी सविता ने उनसे कहा था कि आपको जाना है तो चले जाओ बाद में आप घर आना। इसके कारण वह उसे बस स्टैंड पर ही छोड़कर वापस चले गए। रतलाम में 6 से 7 माह से अकेली रह रही थी।
पुलिस ने गड्ढा खोद निकाला शव
मृतिका सविता के शव की शिनाख्ती के बाद जावरा में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में गड्ढा खोद शव को बाहर निकाला है। घटना की जानकारी मिलने पर खाचरौद जनपद अध्यक्ष पृथ्वीराजसिंह व करणी सेना के यादवेंद्रसिंह भी रतलाम औद्योगिक पुलिस थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। प्रारंभिक तौर पर पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतिका के फोटो के आधार पर परिजनों ने शव की शिनाख्त कर ली है, लेकिन पुलिस अभी अधिकारिक रूप से कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है।


