खबर पक्की, 29 फरवरी, रतलाम। किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस द्वारा गुरुवार दोपहर कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया। राज्यपाल के नाम ज्ञापन कलेक्टोरेट में संयुक्त कलेक्टर अनिल भाना को सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस नेता व युवा किसान संघ जिलाध्यक्ष राजेश पुरोहित संयुक्त कलेक्टर के चरणों में झुक कर दंडवत प्रणाम कर किसानों की समस्याओं के निराकरण की मांग करने लगे। किसान नेता द्वारा अचानक से संयुक्त कलेक्टर के चरणों में झुकने पर उन्होंने तुरंत किसान नेता को उठाया। ऐसा करने से मना किया। किसान नेता का कहना था कि सरकार को अपना वादा याद दिलाने के लिए गांधीगिरी की है। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टोरेट में जमकर नारेबाजी भी की।
दरअसल प्रदेश कांग्रेस के आव्हान पर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी ज्ञापन देने पहुंचे थे। संयुक्त कलेक्टर भाना को ज्ञापन सौंपकर मांग कि भाजपा सरकार द्वारा किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किया था जो तत्काल प्रभाव से गेहूं की खरीदी समर्थन मूल्य पर चालू की जाए। ऑनलाईन सेंटर पर सर्वर डाउन होने की वजह से गेहूं के पंजीयन नहीं हो पा रहे है। प्रशासन स्तर पर उचित व्यवस्था की जाए। किसानों और कृषि के कल्याण के लिये स्वामीनाथन की सिफारिशों को तत्काल प्रभाव से लागू की जाए। भाजपा की सरकार द्वारा एक तरफ तो स्वामीनाथनजी को भारत रत्न दिया जा रहा है और दूसरी ओर उनकी किसानों के लिये लागू की जाने वाली कृषि कल्याण की नितियों को लागू नहीं कर दोहरी राजनीति की जा रही है।
निराकरण नहीं तो मंडी में करेंगे प्रदर्शन
ज्ञापन मेंबताया कि रतलाम जिले में जंगली जानवर घोड़ारोज, सुअर इत्यादि किसानों की फसल को बर्बाद कर रहे है। कृषि और किसानों को बचाने के लिये इन समस्याओं से निजात पाने के लिए उचित कदम उठाए। कांग्रेस पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि उपरोक्त मांगे नहीं मानी गई तो 11 मार्च को कृषि उपज मंडी में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कैलाश पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष मुल्कराज जाट, बरिच भाभर, अभिषेक शर्मा आदि कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री तक संदेश जाए
संयुक्त कलेक्टर के चरणों में झुकने वाले कांग्रेस नेता राजेश पुरोहित का कहना था कि जब भी किसान अपनी हक की आवाज उठाता है तो उस पर मुकदमे दर्ज किए जाते है। कोर्ट के चक्कर लगाता है। जब विधानससभा चुनाव हो रहे थे तब दोनों पार्टी ने घोषणा कर दी थी कि एक ने 2600 व एक ने 2700 रुपए गेहूं समर्थन मूल्य पर लिया जाएगा। लेकिन वर्तमान में गेहूं का उत्पादन बहुत कम हुआ है। उसके बावजूद सरकार गेहूं 2275 रुपए मूल्य पर सरकार खरीद रही है। हम अधिकारी के चरणों में गिर कर मुख्यमंत्री तक संदेश पहुंचाना चाहते है। 2700 रुपए में गेहूं खरीदा जाए। हम इसी तरह गांधीगिरी से आंदोलन करेंगे।
किसानों को दी थी गालिया
किसान नेता ने जिन संयुक्त कलेक्टर के चरणों में दंडवत किया वह, वहीं अधिकारी है जिन्होंने जावरा में एसडीएम रहते है किसानों को गालिया दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें जावरा से हटाकर रतलाम जिला मुख्यालय पर अटैच कर दिया था। गुरुवार को अचानक से हुए इस घटनाक्रम से संयुक्त कलेक्टर भाना भी असहज हो गए।

