खबर पक्की, 8 जनवरी, रतलाम। शीतकाल एवं ग्रीष्मकाल में अत्यधिक ठंड गर्मी कारण से शाला समय परिवर्तन की आवश्यकता के संबंध में शासन द्वारा विगत दिनों दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी के.सी. शर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि शीतकाल में कम तापमान, शीतलहर, कोल्ड डे एवं ग्रीष्मकाल में अधिक तापमान, हीट वेव की स्थिति में स्कूलों के समय में परिवर्तन संबंधित आदेश स्वत: संज्ञान लेकर नहीं जारी किए जाएं। प्रथमत: विद्यालयों के प्रतिनिधियों एवं अभिभावकों से चर्चा की जाए। आदेश जारी करने के पूर्व आयुक्त लोक शिक्षण संचालक राज्य शिक्षा केंद्र से सहमति ली जाए। स्कूलों को उक्त आशय के आदेश पालन करने हेतु कम से कम एक दिवस का समय दिया जाए जिससे स्कूल एवं अभिभावक पर्याप्त व्यवस्था का समय मिल सके।
शीतकाल में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से कम एवं ग्रीष्मकाल में 42 डिग्री से अधिक रहने की संभावना पर प्री प्राइमरी से पांचवी तक की कक्षाएं बंद करने के संबंध में जिला कलेक्टर निर्णय संचालक राज्य शिक्षा केंद्र से परामर्श उपरांत करेंगे। अन्य अपरिहार्य स्थिति में आयुक्त लोक शिक्षण संचालक राज्य शिक्षा केंद्र से सहमति प्राप्त कर संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा शाला संचालन हेतु समय निर्धारित किया जा सकेगा। राज्य स्तर से निर्धारित विभिन्न परीक्षाएं निर्धारित समय पर आयोजित होगी।
अनाथ एवं सडकों पर रहने वाले बच्चों का सर्वेक्षण जारी इनका पुनर्वास किया जाएगा
शासन के निर्देश अनुसार जिले में निवासरत अनाथ एवं सडकों पर रहने वाले, अक्षम माता-पिता के बच्चे जो विभिन्न कारणों से अपने बच्चों का पालन पोषण करने में असमर्थ हैं तथा निराश्रित ऐसे बच्चों का सर्वे कार्य जिले में चल रहा है जिसमें शहरी क्षेत्र में 12 बच्चे चिन्हांकित किए गए हैं, जिन्हें बाल कल्याण समिति के आदेश से बालक एवं बालिका गृह में प्रवेश दिया गया है। कलेक्टर श्री भास्कर लाक्षाकार द्वारा विशेष पहल करते हुए उपरोक्त प्रकार के बच्चों के शीघ्र पुनर्वास हेतु कार्रवाई की जा रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग श्री रजनीश सिन्हा ने बताया कि उपरोक्त बच्चों के सर्वे अभियान के अंतर्गत चिन्हित बच्चों के समग्र पुनर्वास हेतु कलेक्टर श्री भास्कर लाक्षाकार के निर्देश पर कार्य योजना तैयार की जा रही है।
