भोपाल। वन विभाग अब आपराधिक प्रकरण (पीओआर) ऑनलाइन दर्ज करेगा। यह सेवा 15 मई से प्रदेश के 16 वनमंडलों में शुरू की जा रही है। इसके बाद प्रदेश में कहीं भी प्रकरण दर्ज होते ही मुख्यालय को जानकारी मिल जाएगी और मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय स्तर से मॉनीटरिंग शुरू हो जाएगी। प्रदेश में अब तक पीओआर दर्ज करने की मैन्युअल व्यवस्था है।
विभाग फॉरेस्ट ऑफिस मॉनीटरिंग सिस्टम (एफओएमएस) में परिवर्तन कर रहा है। इसके तहत पुलिस की तरह अब वन अपराध भी ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे। अफसरों का कहना है कि ऐसा करने से प्रकरण दर्ज करने में स्थानीय स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगेगी। यह सेवा प्रयोग के तौर पर भोपाल, देवास, इंदौर, बड़वाह (खंडवा), होशंगाबाद, दक्षिण बैतूल, दक्षिण छिंदवाड़ा, दक्षिण सिवनी, बालाघाट, छतरपुर, रीवा, सतना सहित अन्य वनमंडल शामिल हैं।
यह फायदा होगा
ऑनलाइन पीओआर दर्ज होने से प्रकरणों में क्या कार्रवाई की जा रही है, यह जानकारी तत्काल वरिष्ठ अफसरों को मिल जाएगी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अफसर उसमें आरोपियों के खिलाफ धाराएं बढ़वा सकेंगे। जिससे न्यायालय में जाकर प्रकरण कमजोर नहीं होगा। वहीं गंभीर मसलों में मॉनीटरिंग की जा सकेगी।
इनका कहना है
15 मई से 16 जिलों में प्रयोग के तौर पर ऑनलाइन पीओआर की व्यवस्था लागू करने जा रहे हैं। प्रयोग सफल रहने पर इसे प्रदेश के सभी वनमंडलों में लागू किया जाएगा।
बीके मिश्रा, एपीसीसीएफ, संरक्षण
