खबर पक्की, 11 सितंबर, रतलाम। जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत 1 वर्ष से 19 वर्ष की आयु समूह के बच्चे एवं किशोरी बालक, बालिकाओं को सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों, मदरसों, छात्रावासों, केंद्रीय विद्यालयों एवं आंगनवाडी केंद्रों पर एल्बेंडाजोल की टेबलेट 12 सितंबर को खिलाई जाएगी।
सीएमएचओ डॉ. आनंद चंदेलकर ने बताया कि इस वर्ष अभियान के दौरान 12 सितंबर को 581802 बच्चों को गोलियां खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 12 सितंबर को गोली से वंचित बच्चों को 15 सितंबर मॉपअप दिवस के दिन गोलियां खिलाई जाएंगी। प्रजनन आयु वर्ग 19 से 49 वर्ष आयु समूह की महिलाओं (गर्भवती एवं धात्री माताओं को छोडकर) 12 सितंबर से 30 सितंबर तक एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाऐंगी। 1 से 2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली चूरा करके पीसकर, 2 से 3 वर्ष के बच्चों को पूरी गोली चूरा करके, 3 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को पूरी गोली चबाकर खिलाई जाएंगी।
एविडेंस एक्शन के संभागीय समन्वयक श्री कपिल यति ने बताया कि बच्चों में कृमि संक्रमण के कारण खून की कमी, कुपोषण, कमजोरी, थकावट एवं बीमारियों की आशंका रहती है। बच्चों में कृमि नियंत्रण से लाभ होता है जिनमें अनीमिया नियंत्रण प्रतिरक्षा में सुधार पौष्टिकता बढना समुदाय में कृमि संक्रमण को कम करने में मदद, स्कूल, आंगनवाडी में एकाग्रता एवं उपस्थिति में सुधार कार्यक्षमता में सुधार आदि मुख्य हैं।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रवीन्द्र कुमार पाल ने बताया कि कृमि संक्रमण से बचने के लिए नाखून साफ एवं छोटे रखें, हमेशा साफ पानी पिऐं, खाना खाने से पहले और शौच जाने के बाद अपने हाथ साबुन से धोंएं, साफ पानी से फल और सब्जियों को धोएं, खाने को हमेशा ढंककर रखें, खुले में शौच ना करें, हमेशा शौचालय का प्रयोग करें, आसपास सफाई रखें, पैरों में जूते, चप्पल पहनें।
मिशन इन्द्रधनुष अभियान की सीएमएचओ ने मानिटरिंग की
सीएमएचओ डा. आनन्द चंदेलकर ने रतलाम जिले के ग्राम पलसोडा पहुंचकर मिशन इन्द्रधनुष अभियान के दौरान टीकाकरण गतिविधियों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी गर्भवती माताओं एवं शून्य से पांच वर्ष आयु के समस्त बच्चों का शत-प्रतिशत एवं समयानुकूल टीकाकरण करने के निर्देश दिए।

