खबर पक्की, 11 जुलाई, रतलाम। शहर में एक बार फिर कई पेड़ों को काट दिया गया। सावन मास में इन पेड़ों पर रहने वाले सैकड़ों पक्षियों के घोंसले उजाड़ दिए गए। कई पक्षियों की मौत हो गई तो कई कटे पेड़ों के आस-पास बैठकर बारिश में भीगते हुए मानो अपने साथ हुई बर्बरता की कहानी बयां करते नजर आए। मौके का नजारा आप देखेंगे तो आपका मन भी द्रवित हो उठेगा। शहर में पिछले कुछ समय में लगातार पेड़ों को काटा जा रहा है। पर्यावरण प्रेमी और जीव प्रेमी इसको लेकर आवाज भी उठा रहे हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। कोई कारवाई नहीं हुई है। जिम्मेदारों ने मानो मौन स्वीकृति दे दी हो।
नगर निगम के सामने गांधी उद्यान के पास बन रहे गोल्ड काम्प्लेक्स की जगह आज फिर कई पेड़ों को काट दिया गया। सुबह जब पर्यावरण और जीव प्रेमियों को पता चला तो वे मौके पर पहुंचे और उन्होंने विरोध जताया। आकाश कोठारी, प्रकाश लोढ़ा, अदिति मिश्रा, अदिति दवेसर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट, फैयाज मंसूरी सहित कई लोग मौके पर पहुंचे और आपत्ति दर्ज कराते हुए जिम्मेदारो को फोन लगाए। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने तहसीलदार ऋषभ ठाकुर को मौके भेजा। उन्होंने पंचनामा बनाया। मोके पर मौजूद पर्यावरण प्रेमी ने कार्रवाई और एफआईआर की बात कही लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया। जिसके बाद पर्यावरण और जीव प्रेमी आयुक्त से मिलने नगर निगम पहुंचे ,लेकिन आयुक्त वहां मौजूद नहीं थे। जन सुनवाई में मौजूद अधिकारियों से अपनी बात कही, लेकिन वहां भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
मौके पर पहुंचे जीव प्रेमियों ने पेड़ कटने के बाद जमीन पर गिरे कई पक्षों को संभाला और उन्हें एक स्थान पर रखा। पक्षियों के कई छोटे बच्चों की मौत हो चुकी थी। मौके का दृश्य, पक्षियों की हालत और उजड़े घोसले देखकर वहां मौजूद अधिकांश लोग द्रवित हो उठे थे।
पेड़ और पक्षियों की हत्या की रतलाम प्रेस क्लब ने निंदा की
रतलाम शहर में मंगलवार को गांधी उद्यान में दर्जनो पेड़ काट दिए गए । इससे सैंकड़ो परिंदो की भी मौत हो गई। रतलाम प्रेस क्लब ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी एवं सचिव यश शर्मा ने कहा शहर में जीवन के लिए जरूरी ऑक्सीजन देने वाले पेड़ों की बलि दे दी गई। इसमें हजारों परिंदो ने अपनी जान गंवा दी। मंगलवार को शहर के मध्य हुए अमानवीय कृत्य की किसी भी प्रकार से सहमति नहीं जा सकती। रतलाम प्रेस क्लब की तरफ से जारी बयान में अध्यक्ष एवं सचिव ने कहा कि जहां हम एक तरफ सावन माह का पवित्र माह एवं चातुर्मास के पवित्र समय में परमात्मा की भक्ति में लीन हैं वहीं दूसरी तरफ प्रकृति का सर्वनाश करने पर तुले हुए है। बेजुबान पेड़ो और पक्षियों की हत्या करने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाना चाहिए।

