खबर पक्की, 3 जून, रतलाम। पंचायती धर्मशाला बनाने की बात को लेकर आपसी विवाद में दोनों पक्षों के साथ व्यक्तियों को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार खरादी ने 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं प्रत्येक को 6000 के जुर्माने से दंडित किया।
अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी ने बताया कि घटना 13 जनवरी 2015 की है। गौशाला रोड रतलाम स्थित अमृत दूध डेरी पर सरवनी खुर्द निवासी अशोक पिता मदनलाल नायक तथा मुकेश पिता गोरधनलाल नायक दूध देने आए थे। तभी आरोपी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा पिता हीरालाल, कमल पिता मोहनलाल नायक निवासी ईश्वर नगर तथा करण पिता नंदकिशोर नायक, अर्जुन पिता नंदकिशोर चौहान आए और लाठी से मारपीट करने लगे। दोनों पक्षों में जमकर गाली-गलौज होने लगी। तभी वहां पर अन्य आरोपी सुरेश पिता रतनलाल नायक पहुंचा।
आरोपीगण कहने लगे कि समाज की धर्मशाला बनाने के लिए पैसे मांगते हैं और खा जाते हैं। मुकेश और अशोक समाज के काम में ज्यादा बोलते हैं । घटना के 2 दिन पहले छाजेड़ धर्मशाला पर समाज की बैठक भी हुई थी। जिसमें आरोपी अर्जुन से मुकेश की बोलचाल हो गई थी। पुलिस थाना माणक चौक ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। जहां अपर सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार आदि ने भादवि की धारा 307 व 149 में दोषी मानते हुए दोनों पक्ष के सातों आरोपियों को 5 -5 वर्ष का का कारावास की सजा सुनाई।

