खबर पक्की, 10 जून, रतलाम। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग जिला रतलाम के अध्यक्ष मुकेश कुमार तिवारी एवं श्रीमती जयमाला संघवी द्वारा आवेदक प्रकाश चौधरी के पक्ष में एवं मंडल रेल प्रबंधक भुसावल महाराष्ट्र के विरुद्ध टिकट में वर्णित राशि 1040/- मानसिक त्रास एवं क्षतिपूर्ति हेतू राशी रुपए 10000/- परिवाद व्यय रुपए 2000 /- 45 दिन में अदा करने वह 45 दिन में अदा ना किये जाने पर 8 प्रतिशत की दर से उपरोक्त राशि अदा करने के आदेश पारित किए।
परिवादी प्रकाश कुमार की ओर से अभिभाषक सुनील पारिख एडवोकेट द्वारा परिवाद प्रस्तुत कर माननीय के समक्ष वस्तुस्थिति रखते हुए बताया था कि परिवादी ने रतलाम से विपक्षी की गाड़ी संख्या 22538 कुशीनगर एक्सप्रेस में कोच नंबर 14 में सीट नंबर 34 35 36 37 बुरहानपुर से भोपाल के लिए बुक करवाई थी जो विपक्षी ने आवंटित की थी जिसके लिए परिवादी द्वारा विपक्षी को ?1040/-का भुगतान किया गया था. तथा भोपाल से रतलाम के लिए अन्य ट्रेन से यात्रा करनी थी परिवादी द्वारा अपने परिवार की सुरक्षा के लिए आरक्षित कोच में बुकिंग करवाई थी, दिनांक 9:05 2022 को कुशीनगर एक्सप्रेस में बुरहानपुर से भोपाल की यात्रा के लिए बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचा किंतु ट्रेन आने पर कोच के दरवाजे नहीं खुले और ना ही कोई टीटीइ ही आया परिवादी द्वारा आरपीएफ से मदद मांगी किंतु कोई ध्यान नहीं दिया गया जिसकी रिपोर्ट परिवादी के दामाद द्वारा बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर दर्ज करवाई गई किंतु विपक्षी द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया और ना ही परिवादी का शिकायत का निराकरण किया जिस पर परिवाद प्रस्तुत किया गया विपक्षी ने जवाब प्रस्तुत कर तथ्यों को मनगढ़ंत बताकर परिवाद निरस्त करने का निवेदन किया जिला आयोग दोनों पक्षों को सुनने व एडवोकेट पारिख के तर्कों दस्तावेजों के अवलोकन करने पर पाया। की परिवादी विपक्षी का उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 2(7) के अंतर्गत उपभोक्ता होकर विपक्षी का सेवा प्रदाता होना प्रमाणित पाया जाता है। आयोग ने पाया कि रेल मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर जिसमें टिकट चेकिंग स्टाफ जेसे टीटीई, ट्रेन सुप्रीम ट्रेड, कंडक्टर, की आरक्षित कोच में ड्यूटी का उल्लेख किया गया है उपरोक्त द्वारा आवंटित कोच में विपक्षी ने दायित्व का निर्वहन नहीं किया जो सेवा में कमी के अंतर्गत आता है के कारण उपरोक्त अनुसार आदेश पारित किया गया। प्रकरण की पैरवी अभिभाषक सुनील पारिख एवं अंजना राणा द्वारा की गई।

