नई दिल्ली। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में 2013 से जोधपुर जेल में बंद आसाराम को जज मधुसूदन शर्मा ने दोषी करार दिया है। दोषी करार दिए जाने के बाद इस मामले में आसाराम के खिलाफ सजा पर बहस हुई जिसके बाद जज ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा के अनुसार आसाराम को मरने तक जेल में ही रहना होगा वहीं 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनते ही आसाराम घुटनों पर बैठकर रोने लगा।
खबरों के अनुसार आसाराम को धारा 376 (4) के तहत 1 लाख का जुर्माना, आईपीसी की धारा 73 डी के तहत उम्रकैद, आईपीसी की धारा 376 (2)एफ के तहत आजीवन कारावास, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत 6 महीने, और धारा 506 के तहत एक साल की सजा सुनाई है।
वहीं मामले में दो अन्य दोषियों शरत और शिल्पी को 20-20 साल की सजा सुनाई है। सजा के ऐलान के बाद जज मधुसूदन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है वहीं केस से जुड़े अन्य लोगों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
खबरों के अनुसार इससे पहले केस में दोषी ठहराए जाने के बाद आसाराम सिर पकडक़र बैठ गया और राम नाम जपने लगा। इस बीच जेल परिसर में एंबुलेस जाते हुए देखी गई जिसके बाद कहा जा रहा था कि आसाराम की तबीयत बिगड़ गई है। हालांकि, कुछ देर बाद सूचना आई कि आसाराम की तबीयत ठीक है। इस बीच आसाराम के कुछ समर्थक जेल के बाहर पहुंचकर हंगामा करने लगे जिन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
आसाराम पर पॉक्सो और अजा-जजा एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। केस में दोषी ठहराए जाने के बाद आसाराम को 10 साल से उम्र कैद तक की सजा हो सकती है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि आसाराम को किन धाराओं में दोषी करार दिया गया है। फैसले के बाद आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने कहा कि हम अपनी लीगल टीम से चर्चा करेंगे और भविष्य के प्लान पर फैसला लेंगे। हमें न्याय व्यवस्था में भरोसा है।
इंदौर में हुई थी गिरफ्तारी
आसाराम ने धमकाया था, इसलिए पीडि़ता ने दिल्ली जाकर 20 अगस्त, 2013 को कमला नगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। वहां से केस जोधपुर रेफर किया गया था। जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त, 2013 को मध्य प्रदेश के इंदौर से आसाराम को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में है।
दुष्कर्म के दोषी आसाराम जिंदगी भर रहेंगे जेल में
