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2 हजार 143 किमी के जिला मुख्य मार्गों के लिए 3,250 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी

BySurendra Jain

Apr 24, 2018

भोपाल। शिवराज कैबिनेट ने सोमवार को 2 हजार 143 किलोमीटर के 87 जिला मुख्य मार्गों के निर्माण और उन्नयन के लिए 3,250 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन सडक़ों के लिए न्यू डेवलपमेंट बैंक से 2 हजार 275 करोड़ रुपए का लोन लिया जाएगा। वहीं 975 करोड़ रुपए सरकार अपने खजाने से देगी। मुख्य जिला मार्गों के उन्नयन सहित कैबिनेट में 28 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
मंत्रिमंडल की बैठक में स्व-सहायता समूह संवर्धन नीति 2007 में संशोधन के प्रस्ताव पर भी सहमति प्रदान की गई है। इस नीति के तहत अब स्व-सहायता समूह या अन्य परिसंघों को व्यापार के लिए 25 लाख रुपए की सहायता सरकार उपलब्ध कराती थी, इसे बढ़ाकर 50 लाख रुपए कर दिया गया है।
वहीं स्व-सहायता समूहों के लिए 3 लाख रुपए तक के लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज की सबसिडी सरकार देगी। 2018-19 और 2019-20 के वित्तीय वर्ष में स्व-सहायता समूहों को लगभग 1600 करोड़ रुपए का कर्ज दिया जाएगा। इस पर ब्याज 48 करोड़ रुपए की ब्याज सबसिडी सरकार देगी।
ग्राम पंचायत सचिवों को मिलेगा नियमित वेतनमान
सरकार के प्रवक्ता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि एक जनवरी 2018 के बाद नियुक्त पंचायत सचिवों को 2 वर्ष तक 10 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। दो वर्ष के बाद ग्राम पंचायत सचिवों को 5,200-20,200+ग्रेड पे 1900 का नियमित वेतनमान दिया जाएगा। वहीं एक अप्रैल 2018 को 10 साल की नियमित सेवा पूरी करने वाले ग्राम पंचायत सचिवों को 5,200-20,200+ग्रेड पे 2400 का वेतनमान दिया जाएगा। इसका फायदा 21 हजार 151 पंचायत सचिवों को मिलेगा।
जेईई में डेढ़ लाख रैंक तक के विद्यार्थियों को फायदा
बैठक में मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में भी संशोधन किया गया। योजना के तहत अब जेईई में डेढ़ लाख रैंक तक के विद्यार्थियों को किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने पर फीस सरकार देगी। वहीं माध्यमिक शिक्षा मंडल मप्र की 12वीं की परीक्षा में 70 फीसदी अंक लाने वाले छात्र योजना में लाभ लेने के लिए पात्र होंगे। इसके साथ ही उच्च शिक्षा विभाग के लिए होने वाली शैक्षणिक पदों पर भर्ती में एक साल के लिए साक्षात्कार से छूट दी गई है।
14 औद्योगिक केंद्रों के लिए 530 करोड़ से ज्यादा मंजूर
कैबिनेट ने प्रदेश के 14 औद्योगिक केंद्रों में उद्योगों के लिए आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिए 530 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि की मंजूरी दी। 8 नए औद्योगिक क्षेत्रों में परियोजना की लागत का 40 प्रतिशत सरकार के अनुदान, 50 प्रतिशत लोन और 10 प्रतिशत क्रियान्वयन संस्था के अंश के रूप में खर्च होगा।
इन औद्योगिक केंद्रों में पीथमपुर जिला धार, नवीन औद्योगिक क्षेत्र रेहटा-खाडकोद जिला बुरहानपुर, बहु-उत्पाद औद्योगिक क्षेत्र सह जेम्स एवं ज्वेलरी तथा आईटी पार्क जिला इंदौर, नवीन एकीकृत टेक्सटाइल पार्क अचारपुरा जिला भोपाल, नवीन औद्योगिक क्षेत्र लहगडुआ जिला छिंदवाड़ा, नवीन औद्योगिक क्षेत्र खैरीयतागांव (बोरगांव) जिला छिंदवाड़ा, नवीन औद्योगिक क्षेत्र गुड़ जिला रीवा और नवीन औद्योगिक क्षेत्र उद्योगद्वीप बैढऩ जिला सिंगरौली शामिल हैं। इसके साथ ही स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क पीथमपुर की कुल 469.97 हेक्टेयर भूमि में से 72.77 हेक्टेयर भूमि को जापानी, दक्षिण-पूर्व एवं सुदूर-पूर्व देशों (दक्षिण कोरिया, चीन, ताइवान इत्यादि) के निवेशकों के लिए आरक्षित किया गया है।

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