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मुनिगणों का भव्य नगर प्रवेश हुआ

BySurendra Jain

May 20, 2023

खबर पक्की, 20 मई, रतलाम। परम् पूज्य आचार्य देवेश हेमेंद्र सूरिश्वर जी म. सा. एवं ज्योतिष सम्राट आचार्य ऋषभ चंद्र विजय जी म.सा. के आज्ञानुवर्ती तथा ज्योतिषाचार्य जय प्रभ विजय जी म.सा. के शिष्य रत्न मालव केशरी हितेशचंद्र विजय जी म. सा., ज्योतिष रत्न श्री दिव्यचन्द्र विजय जी म.सा., श्री वैराग्य यश विजय जी म.सा. एवं श्री जीत रत्न विजय जी म.सा. का आज नगर में भव्य प्रवेश हुआ।
पूज्य मुनिराज हितेशचंद्र विजय जी म.सा. एवं मुनि गणों का कोयंबतूर, सेलम, मदुरई एवं जालोर में ऐतिहासिक चातुर्मास करके सात वर्षों बाद रतलाम में आगमन हुआ है । मुनि गणों का आज शनिवार को प्रात: साढ़े आठ बजे त्रिपोलिया गेट स्थित आनंद भवन उपाश्रय से बैंड बाजों के साथ बड़ी संख्या में समाज जनों की उपस्थिति में चल समारोह के रूप में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। यह चल समारोह चाँदनी चौक, चौमुखीपुल, घाँस बाज़ार होते हुए कोठारी वास स्थित नीमवाला उपाश्रय पहुँचा जहां मुनि हितेशचंद्र विजय जी के व्याख्यान हुए।
इस अवसर पर मुनिश्री ने अपने प्रवचन में कहा कि गृहस्थ जीवन जीने की भी एक कला होती है, यदि आप चाहते है कि आपके परिवार में कलह नहीं हो, एक दूसरे के प्रति दुर्भावना नही हो , परिजनों में आत्मीयता का भाव बना रहे, आपस में मन मुटाव नहीं हो, परिजनों में प्रेम बना रहे तो इसके लिए स्वयं को बदलना होगा। यदि आप दुनिया को बदलने का नाव रखते हो तो आप गृहस्थ जीवन में कभी सम्मानता का मुक़ाम हाँसिल नहीं कर पाओगे। यदि आपने स्वयं को बदलने का प्रण ले किया तो आपका परिवार स्वर्ग से भी सुंदर हो जाएगा।
इस अवसर पर श्री श्वेतांबर सौधर्म त्रिस्तुति जैन श्री संघ एवं रत्नराज मित्र मंडल की और से मुनिराज हितेशचंद्र विजयजी महाराज साहब को कांबली ओढ़ाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

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