खबर पक्की : 6 मार्च रतलाम, कल खबर पक्की ने खबर प्रकाशित की थी के भ्रष्टाचारी निकले भाजपा के गांधी। इस खबर को पढ़ने के बाद भाजपा के वरिष्ठ पार्षद दिलीप गांधी और एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने खबर पक्की के कार्यालय में आकर अपनी स्थिति को स्पष्ट किया उन्होंने बताया कि पीयूष गोरेचा जो कि उनके परिचित है का फोन उनके पास आया की हनुमान रुंडी के पास उनका मकान निर्माण का कार्य चल रहा है और इस सिलसिले में नगर निगम से उनके पास एक नोटिस आया है इस पर मेरे द्वारा नोटिस लेकर उनको मेरे पास आने का कहा। क्योंकि उक्त मामला मेरे वार्ड का नहीं था इसलिए नोटिस लेकर मेरे द्वारा संबंधित इंजीनियर से नोटिस के संबंध में चर्चा की गई इंजीनियर से मुझे ज्ञात हुआ कि उक्त नोटिस वार्ड पार्षद जो कि महिला है के पति के कहने पर जारी किया गया। इस पर मेरे द्वारा संबंधित पार्षद के पति से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नहीं नहीं वह तो बहुत गलत बन रहा है मकान, तो मेरे द्वारा उनकी मंशा समझ कर और मामला आगे बिगड़े नहीं यह सोचकर उक्त नोटिस का जवाब मेरे द्वारा पीयूष के बाहर होने से उनके भाई पवन से बात कर नोटिस का जवाब दिलवाया गया। नोटिस के बारे में इंजीनियर द्वारा बताए गए अनुसार पीयूष को बता दिया था। इस पर गोरेचा द्वारा मेरे घर पर ₹30000 पार्षद पति को देने के लिए पहुंचाया गए थे। और मैंने पार्षद पति को कई बार फोन लगाकर उक्त पैसे ले जाने के लिए कहा था। इस संबंध में उन्होंने पीयूष गोरेचा से भी बात करवाई पीयूष गोरेचा ने स्वीकार किया कि हां उन्होंने दिलीप गांधी से संपर्क किया था और उन्होंने पार्षद की मंशा बताई थी। लेकिन मेरे द्वारा मेरे दोस्त धर्मेंद्र अग्रवाल पान वाले को पार्षद के बारे में बताया और बताया कि तुम्हारे कहने से मैंने इनको वोट दिया और यही अपने से पैसे मांग रहे हैं। इस पर धर्मेंद्र ने पार्षद को वही बुलवा लिया और इस बारे में बात की तो पार्षद ने अनभिज्ञता जताते हुए इंजीनियर को फोन लगाया तो इंजीनियर ने कहा कि हां आपसे इस बारे में कोई बात नहीं हुई। लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने दिलीप गांधी को फोन नहीं लगाया लेकिन यह जरूर कहा की आपने उनको पैसे दिए हैं तो मैं पैसे वापस करवाने का पूरा प्रयास करूंगा। जबकि दिलीप गांधी का यह कहना है कि मैंने पार्षद पति को कई मर्तबा फोन लगाकर उनके पैसे ले जाने के लिए कहा लेकिन वह हर बार हां आता हूं करता हूं कह कर टाल गए एक बार तो वह मुझे रास्ते में मिल गए तो मैंने 10,000 मेरी जेब में पड़े थे तो उनको दे दिए और कहा कि 20000 और घर से ले जाना लेकिन जब धर्मेंद्र पान वाले को बात पता चली और उन्होंने पार्षद पति को हड़काया तो वह उक्त ₹10000 थोड़ी देर बाद ही मेरे घर पर वापस दे गए। दिलीप गांधी ने कहा कि मेरे 30, 35 साल के राजनीतिक कैरियर में आज आज तक कोई दाग नहीं है मेरी माताजी की तबीयत खराब है और इस खबर ने पूरे परिवार को काफी विचलित कर दिया और मुझे रात भर नींद नहीं आई इसलिए स्थिति स्पष्ट करने के लिए आपके पास आया हूं और एक एक बात जो मैंने आपको बताई है मेरा ईश्वर जानता है कि वह पूर्णतया सत्य है। खबर पक्की द्वारा कल प्रकाशित खबर पार्षद पति से बात करने के पश्चात उनका मत जानने के बाद लगाई थी उन्होंने यही कहा था कि इस मामले में पैसे चुके वापस मिल गए इसलिए अब बात को बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। लेकिन दिलीप गांधी द्वारा स्वयं खबर पक्की के कार्यालय में आकर अपना मत स्पष्ट कर देने के बाद इस पूरे मामले में आप किसे गुनाहगार समझते हैं यह हम खबर पक्की के पाठको पर छोड़ते हैं कृपया अपने विचारों से हमें अवगत कराएं।

