खबर पक्की : 2 मार्च रतलाम प्रदेश में विधानसभा और देश में लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। चुनाव की तैयारी को देखते हुए कई जिलों में सत्तारूढ़ पार्टी के जिला अध्यक्ष को प्रदर्शन के आधार पर बदलना तय है। ऐसे में रतलाम जिला भाजपा अध्यक्ष राजेंद्र सिंह लुनेरा का जाना भी निश्चित है। जिला अध्यक्ष के लिए जो नाम चर्चा में चल रहे हैं इसमें सैलाना से श्याम धाकड़ का नाम आ रहा है इसी प्रकार जिले के आलोट विधानसभा क्षेत्र से ताल निवासी राजेश परमार का नाम प्रस्तावित है। जावरा से महेश सोनी के लिए विधायक राजेंद्र पांडे प्रयासरत है। इसी प्रकार रतलाम शहर से जिला अध्यक्ष बनाए जाने के लिए अशोक जैन लाला का नाम भी सुर्खियों में है अनुसूचित जनजाति के डिलिस्टीग को लेकर चर्चा में आए पूर्व सैनिक कैलाश निनामा का नाम भी इस दौड़ में है। अशोक जैन लाला के नाम को लेकर वर्तमान विधायक चैतन्य कश्यप भी उनकी संगठन क्षमता के कायल है वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री हिम्मत कोठारी के साथ 40 बरस तक अशोक जैन लाला ने काम किया है और उनका भी कोई विरोध नहीं है। रतलाम विधानसभा क्षेत्र को छोड़ दिया जाए तो जिले अनुसूचित जनजाति की दो सीटें हैं एक अनुसूचित जाति की सीट है और 2 सीट सामान्य है। क्योंकि झाबुआ रतलाम लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति की सीट है और जिले में 2 विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के होने से और आज तक अनुसूचित जनजाति का कोई भी जिलाध्यक्ष नहीं होने के कारण कैलाश निनामा के चांसेस भी काफी उज्जवल है और उनके संगठन शक्ति का जलवा उन्होंने अनुसूचित जनजाति के बड़े-बड़े रेलिया करके बता दिया है। अब यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि इन सारे नामों में से लॉटरी किसकी लगती है और जिला अध्यक्ष का ताज किसके सर पर सजता है।
