खबर पक्की, 7 फरवरी, रतलाम। भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट पर एक लिंक बनाया गया है यह आरपीएफ द्वारा बचाए गए बच्चों के संबंध में विवरण और जानकारी प्रदान करता है। रेल सुरक्षा बल द्वारा रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। रेल यात्रियों और उनके सामान के साथ-साथ यात्री क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी आरपीएफ को सौंपी गई है। रेल सुरक्षा बल रेल यात्रियों की सुरक्षा में अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रयासरत है, महिलाओं और बच्चों की तस्करी को रोकने के लिए सतर्क है और साथ ही रेलवे क्षेत्रों में पाए जाने वाले निराश्रित बच्चों के पुनर्वास के लिए उचित कार्रवाई भी कर रहा है। रेलवे परिसर से बचाए गए बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने के लिए आरपीएफ ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। बचाए गए ऐसे बच्चों के परिवारों और रिश्तेदारों का पता लगाने और उन्हें ट्रैक करने के लिए भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट पर एक लिंक बनाया गया है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार रेल सुरक्षा बल द्वारा विभिन्न कारणों से अपने परिवार से बिछड़े/खोए हुए बच्चों की पहचान करने और उन्हें बचाने का नेक कार्य किया जा रहा है। इसी दिशा में एक गहन अभियान ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते ट्रेनों/रेलवे स्टेशनों पर पाए जाने वाले देखभाल और सुरक्षा के जरूरतमंद बच्चों को बचाने के लिए भारतीय रेल पर शुरू किया गया है और इसके उल्लेखनीय परिणाम भी सामने आ रहे हैं। वर्ष 2022 के दौरान ऐसे 17,750 से अधिक बच्चों को आरपीएफ जवानों द्वारा बचाया गया है।
श्री ठाकुर ने आगे बताया कि ऐसे बच्चों के हित और कल्याण के लिए बचाए गए इन बच्चों की जानकारी और विवरण ट्रैक चाइल्ड पोर्टल-3.0 में अपलोड किये जा रहे हैं और इसका लिंक भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है रेल सुरक्षा बल यात्रियों को एक सुखद, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे कार्यरत है।
