खबर पक्की : 2 फरवरी रतलाम, सरकारें जब लुटने पर उतारू हो जाती है तो आवाम का कच्छा बनियान भी नहीं छोड़ती। यही कुछ हाल मध्यप्रदेश सरकार का भी है। अभिलेखागार से जो नकल मात्र ₹10 प्रति पेज में पूर्व में आराम से मिल जाती थी और वह भी एक-दो दिन में अब उसी नकल के लिए सरकार रुपया 40 प्रति पेज वसूल रही है और ₹40 लोक सेवा गारंटी का शुल्क अलग आप ऊपर लोक सेवा गारंटी की रसीद देख सकते हैं यह नकल 15 दिन पूर्व में ₹120 में मिल जाती थी अब उसी नकल के लिए ₹520 लिए जा रहे हैं। 3 जनवरी 2018 के राजस्व विभाग के आदेश को जो कि समाधान 1 दिन योजना के अंतर्गत राजस्व विभाग ने जारी किया था और उसमें शुल्क तय किया था उसको बगैर किसी पूर्व सूचना के 15 दिन पूर्व लागू कर दिया गया। और तुक्का यह की इसमें नकल के लिए 20 दिन बाद का समय दिया जा रहा है जबकि योजना में जो शुल्क तय किया गया है वह समाधान 1 दिन के हिसाब से लिखा गया है। भ्रष्टाचार को मिटाने या कम करने का दावा करने वाली सरकार स्वयं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने पर तुली हुई है इस सेवा में अगर किसी को अर्जेंट नकल चाहिए तो वह 100, 200-500 भेंट पूजा करके उसी दिन नकल ले सकता है। आम आदमी की खस्ता हालत का इस सरकार को कोई अंदाजा ही नहीं है और दोनों हाथों से वह सिर्फ अपना खजाना भरने में लगी हुई है। ताज्जुब की बात तो यह है कि न तो सत्ता पक्ष या विपक्ष के किसी नेता ने न जनता की भलाई कि दुहाई देने वाले वाले किसी सामाजिक संगठन ने सरकार द्वारा जनता की इस खुली लूट पर आवाज बुलंद की है। इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में इस खबर को उठाया गया है लेकिन खबर पक्की जनता के सरोकारों की खबरों को हमेशा प्रमुखता देता आया है इसलिए इस खबर को आप तक प्रेषित किया जा रहा है ताकि किसी के जाग जाने से जनता का भला हो जाए।

