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दावा महानगर बनने का और नेत्रदान के लिए नीमच से डॉक्टर को बुलाना पड़ा। कश्यप रोटरी आई बैंक का रजिस्ट्रेशन निरस्त

BySurendra Jain

Feb 1, 2023

खबर पक्की : 1 फरवरी रतलाम, यू कहने को तो रतलाम महानगर बनने की श्रेणी की ओर अग्रसर है लेकिन अफसोस की बात यह है कि पूर्व में जो मेडिकल सुविधा यहां उपलब्ध थी मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होने के बाद वह भी अब खत्म हो गई है। रतलाम में पूर्व में कश्यप रोटरी आई बैंक के माध्यम से नेत्रदान की सुविधा उपलब्ध थी लेकिन आज भाजपा के मंडल अध्यक्ष निलेश गांधी के पिता श्री मांगीलाल जी गांधी के निधन पर उनकी अंतिम इच्छा अनुसार परिवार जन द्वारा उनकी आंखों को दान करने के लिए जब फोन किया गया तो बताया गया कि कश्यप रोटरी आई बैंक का रजिस्ट्रेशन रद्द हो गया है और रिन्यूअल नहीं हुआ है इस संबंध में जब पूछताछ की गई तो बताया गया कि नए नियमों में फॉर्मेलिटीज इतनी ज्यादा कर दी गई है की रिन्यूअल करवाना टेढ़ी खीर हो गया है जबकि नीमच और बड़नगर जैसे शहरों में आए बैंक कार्य कर रहे हैं और मांगीलाल जी गांधी के नेत्रदान के लिए नीमच के गोमाबाई नेत्रालय से डॉक्टर को बुलवाकर नेत्रदान करवाया गया। रतलाम के जनप्रतिनिधियों जिला प्रशासन को इस बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए कि एक तरफ हम महानगर बनने का दावा करते हैं और दूसरी तरफ ऑर्गन डोनेशन तो दूर की बात है आई डोनेशन के लिए भी पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। लायंस रोटरी जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं मेडिकल कॉलेज जिला चिकित्सालय होते हुए यदि आई बैंक की व्यवस्था नहीं कर सकती तो फिर हम काहे के विकसित और महानगर की ओर अग्रसर होने का दावा करते हैं।

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