खबर पक्की :1 दिसंबर रतलाम, रतलाम ग्रामीण तहसील व मुंदड़ी टप्पे में सब गड़बड़झाला चल रहा है, यहां बगैर पैसे लिए कोई काम नहीं होता। नामांतरण हो बटवारा हो या नकल लेना हो हर काम में पैसे लगते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के सभी किसान परेशान है। इतना ही नहीं कर्मचारियों की और अधिकारियों की मनमानी देखिए जो लोग जिंदा है और जिनका नाम सरकारी कर्मचारी के रूप में दर्ज है वह काम ना करते हुए भी पुरी तनख्वाह ले रहे हैं। और अपनी जगह अनुकंपा में उनके रिश्तेदार काम कर रहे हैं उदाहरण के लिए अयूब की जगह उसका लड़का मोईन काम कर रहा है। इसी प्रकार लोकेश की जगह उसकी पत्नी रेखा काम कर रही है। अशोक चौहान की जगह उसका दामाद विरेंद्र पवार काम कर रहा है। चपरासी जीवन सिंह चौहान रिटायर होने के बाद नकल शाखा में बगैर किसी अफसर की अनुमति के नियमित रूप से सरकारी रिकॉर्ड लेकर नकले निकलवाने जाता है और अपनी जेब गर्म करता है क्योंकि रिटायर्ड होने के बाद तनख्वाह तो उसको मिलती नहीं है इसलिए पेंशन के साथ रिश्वत से काम चला रहा है।
