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अधिकार अभिलेख पाकर ग्रामीण हितग्राही भविष्य की चिंता से मुक्त हो गए हैं : कलेक्टर सूर्यवंशी, स्वामित्व योजना में ग्रामीणों को 85 हजार अधिकार अभिलेखों का वितरण किया गया

BySurendra Jain

Oct 2, 2022

खबर पक्की, 2 अक्टूबर, रतलाम। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत 2 अक्टूबर को रतलाम जिले में अधिकार अभिलेखों का वितरण ग्रामीण हितग्राहियों को किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी द्वारा योजना के हितग्राही ग्रामीणों को अधिकार अभिलेख पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर रतलाम जिले में 85 हजार अधिकार पत्रों का वितरण जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में किया गया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अपर कलेक्टर एम.एल. आर्य, अभिषेक गहलोत, डिप्टी कलेक्टर सुश्री कृतिका भीमावद, एसएलआर रमेश सिसोदिया, उपसंचालक सामाजिक न्याय श्रीमती संध्या शर्मा आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि रतलाम जिले में स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि के अधिकार अभिलेखों का वितरण सतत जारी है। जिले के 1089 कुल ग्रामों में 786 ग्रामों के योजना के तहत आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। जिले के 350 गांवों में 90 हजार अधिकार अभिलेख बनाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, शेष गांवों में भी अधिकार अभिलेख पूर्ण करने का कार्य तेजी से चल रहा है जो अति शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि अधिकार अभिलेख पाकर हितग्राही अपने भविष्य की चिंता से मुक्त हो गए हैं। शासन की स्वामित्व योजना ने उनकी परेशानी दूर कर दी है। उन्होंने हितग्राहियों को बधाई भी दी।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण नागरिकों के पास रिहाईशी क्षेत्र की भूमि के दस्तावेज नहीं होने से वाद-विवाद होते थे, इसलिए विगत 2020 में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना की शुरुआत की गई है। गांवों के आबादी क्षेत्रों में संपत्ति सर्वेक्षण अभियान प्रारंभ किया। स्वामित्व योजना के तहत शुरू किए गए सर्वेक्षण का उद्देश्य संपत्ति के मालिकाना हक का सरकारी दस्तावेज तैयार करना है। गांव की आबादी नक्शा तैयार करने का काम ड्रोन कैमरे के प्रयोग से किया जा रहा है।
इस योजना से जहां ग्रामीण लोगों की संपत्ति का सरकार रिकॉर्ड तैयार होगा, वही ग्राम पंचायतों को संपत्तियों की स्पष्ट और सटीक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीणजनों को अपनी संपत्ति के हक का सरकारी दस्तावेज उपलब्ध होने से उन्हें अपनी संपत्ति बेचने में आसानी होगी और वह बैंक से ऋण सुविधा प्राप्त करने का लाभ भी ले सकेंगे। आबादी का सर्वेक्षण केवल उन संपत्तियों के अधिकार तैयार किया जाएगा जिनके संपत्ति मालिक मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 लागू होने के दिनांक 25 सितंबर 2018 को उस आबादी भूमि का उपयोग कर रहे थे।
स्वामित्व योजना से ग्राम पंचायत की संपत्ति शासकीय व सार्वजनिक संपत्ति की सीमा एवं क्षेत्रफल निश्चित होने से उनका रखरखाव किया जा सकेगा। उनसे संबंधित सीमा विवाद में कमी आएगी। ग्रामीणों को यह लाभ होगा कि हर संपत्तिधारक को संपत्ति का प्रमाण पत्र एवं भूमि स्वामित्व प्राप्त होगा। ड्रोन के माध्यम से कार्य होने के कारण दस्तावेजों का निर्माण शीघ्रता एवं शुद्धता के साथ होगा। सार्वजनिक उपयोग की संपत्ति का संरक्षण होगा। रास्ते, ग्राम पंचायत की खुली जगह, नाले, सरोवर का उपयोग भी सुनिश्चित हो सकेगा। इस योजना का सबसे अधिक लाभ जमीन के विवादों का निपटारा करने के लिए हो सकेगा। अब ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी किसी भी बैंक से आसानी से लोन प्राप्त हो सकेगा। जमीनों का सारा रिकॉर्ड जमीनों के मालिक के पास ऑनलाइन अपने मोबाइल के द्वारा देखा जा सकेगा।
रतलाम जिले के 1089 गांवों में से 786 गांवों में योजना के तहत आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरण पंजीबद्ध हो चुके हैं, इनमें से 670 गांव में सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा ड्रोन फ्लाई किया जाकर 350 गांवों में 90 हजार अधिकार अभिलेख का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष गांवों में भी अधिकार अभिलेख पूर्ण करने का कार्य तेजी से चल रहा है।

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