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स्मार्ट इंडिया हैकथलॉन 2022 में रतलाम की बिटिया आभा बोथरा ने पाया प्रथम पुरुस्कार

BySurendra Jain

Aug 30, 2022

खबर पक्की, 30 अगस्त, रतलाम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में खासकर युवाओं में नवाचार (इनोवेशन) की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री का निरंतर प्रयास कर रहे है , उन्ही की भावना को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2017 से स्मार्ट इंडिया हैकथलॉन (SIH) आयोजित किया जा रहा है। साल में एक बार, स्मार्ट इंडिया हैकथलॉन मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के नवाचार अनुभाग द्वारा छात्रों को निगमों, गैर-सरकारी संगठनों और सरकारी निकायों द्वारा उत्पन्न समस्याओं के उत्तर बनाने का मौका देने के लिए रखा जाता है। MoE ने युवाओं के बीच एक आविष्कारशील दृष्टिकोण और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयास में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन की शुरुआत की गयी है। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन छात्रों को हमारे दैनिक जीवन में आने वाली कुछ समस्याओं को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल है, और इस प्रकार उत्पाद नवाचार की संस्कृति और समस्या समाधान की मानसिकता को विकसित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2022’ के ग्रैंड फिनाले (GRAND FINALE OF SMART INDIA HACKATHON) को संबोधित किया। उन्होंने कहा की वे छात्रों के बीच उत्पाद संबंधी नवाचार, समस्या-समाधान और लीक से हटकर सोचने की संस्कृति विकसित करने में सफल रहे है।

एसआईएच की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एसआईएच के लिए पंजीकृत टीमों की संख्या पहले संस्करण में लगभग 7531 से चार गुना बढ़कर वर्तमान में चल रहे पांचवें संस्करण में लगभग 29,634 हो गई है. तथा 2022 के ग्रैंड फिनाले में भाग लेने के लिए 15,000 से अधिक छात्र ने भाग लेकर केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा सामने रखी गई समस्याओं का समाधान ढूढ़ा। हैकाथॉन में प्रथम पुरस्कार राशि 1 लाख रूपये टीम को दी जाती है। हैकथॉन हेतु 6 महीनो पूर्व से तैयारी शुरू हो जाती है। विभिन्न चरणों में भाग लेने के बाद टीम फाइनल राउंड में पहुँचती है। प्रत्येक टीम में 6 सदस्य रहते है।

रतलाम की बेटी आभा बोथरा जो बेनेट यूनिवर्सिटी , ग्रेटर नॉएडा से बी टेक हेतु अध्यनरत थी उसे कॉलेज द्वारा टीम चयनित किया गया। टीम का नाम NeoTechies रखा गया।फाइनल हैदराबाद में रखा गया था । इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) द्वारा प्रस्तावित समस्या पर काम करने के लिए 36 घंटो का समय दिया गया। आभा बोथरा और इनकी टीम ने NLP और PYTHON का उपयोग करके क्रोम एक्सटेंशन और वेबएप बनाया जो किसी भी मोबाइल एप्लिकेशन के नियमों और शर्तों, गोपनीयता नीतियों, कुकीज़ और सुरक्षा खतरों की जांच करता है। उनकी टीम ने फाइनल में प्रथम पुरुस्कार प्राप्त किया इस उपलब्धि पर श्री विनीत जैन (मैनेजिंग डायरेक्टर -टाइम्स ऑफ़ इंडिया एवं बेनेट यूनिवर्सिटी ) सभी गुररुजनो , मित्रमंडल एवं परिजनों ने बधाई दी है। बेनेट यूनिवर्सिटी की टीम में आभा बोथरा के साथ अविनाश कुमार, मोहित

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