रतलाम। रतलाम विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी को पार्टी के ही एक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने का विवाद अभी थमा भी नहीं है कि गुरूवार को आलोट विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा में फूट जगजाहिर हो गई। आलोट क्षेत्र की बड़ावदा नगर पंचायत के उपाध्यक्ष सहित 13 पार्षद भाजपा के टिकिट पर चुनी गई अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर कलेक्टर के पास पहुंच गए। जो 13 लोग अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर पहुंचे, उनमें से 11 तो भाजपा के ही है। एक ही पार्टी के जनप्रतिनिधियों की आपसी लड़ाई अब संगठन से निकलकर सड़क पर आ गई है।
बड़ावदा नगर पंचायत में भाजपा के टिकिट पर निर्वाचित सुनीता पति प्रदीप मेहता अध्यक्ष है। उनके पति प्रदीप मेहता क्षेत्रीय विधायक जितेंद्र गेहलोत के प्रतिनिधि भी है। कुल 15 पार्षदों के नगर पंचायत बोर्ड में भाजपा के 13 और कांग्रेस के 2 पार्षद है। गुरूवार को 11 भाजपाई (उपाध्यक्ष संजय चावड़ा सहित) और 2 कांग्रेस के पार्षद कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल के कार्यालय पहुंचे और उन्हें अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। पार्षदों ने अध्यक्ष सुनीता मेहता के खिलाफ धारा 47 के तहत पद से हटाने की मांग की। इनका आरोप है कि पिछले 3 साल से नगर पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल और व्यवहार से परेशान है और पंचायत में काफी भ्रष्टाचार भी हो चुका है। पार्षदों के क्षेत्र में जो आवश्यक कार्य जनहित में किए जाने है, उनको भी अध्यक्ष द्वारा नहीं कराया जा रहा है।
वर्शन- मुझे तो मीडियाकर्मियों के माध्यम से ही इस बात का पता चला है। संगठन में अपनी बात रखने का एक सिस्टम बना हुआ है। यदि इस सिस्टम को तोड़ा गया है तो ठीक नहीं है। सभी से बातचीत कर उनका पक्ष भी जाना जाएगा। – कान्हसिंह चौहान, अध्यक्ष जिला भाजपा
