खबर पक्की :10 जुलाई रतलाम, आज यह दुख से लबरेज खबर लिखते हुवे मन बहुत भारी और उदास है क्या ईश्वर भी इतना निष्ठुर हो सकता है। की एक हंसते खेलते परिवार को उजाड़ सकता है इतना बड़ा वज्रपात कर सकता है कि वह उसकी कल्पना भी नहीं कर सके। श्रीमाली समाज के दमकते सितारे और सभी के प्यारे भाई हर्ष दशोत्तर को हमसे छीन कर उसने ऐसा ही किया है। अपनी दो बेटियों और और पत्नी को रोता छोड़ कर हर्ष आज इस निष्ठुर दुनिया से चले गए पर उनका हंसता मुस्कुराता चेहरा हर किसी से आदर सम्मान और प्यार से मिलने की अदा हर एक के बारे में अच्छे से अच्छा लिखने की कोशिश सबका दिल जीत लेने की चाहत हम सबको बहुत याद आएगी। आज ईश्वर पर बहुत क्रोध आ रहा है कि क्यों उन्होंने दो छोटी बेटियों पर इतना बड़ा दुखों का पहाड़ तोड़ दिया पर फिर भी ईश्वर से यही प्रार्थना है वे भाई हर्ष को अपने श्री चरणों में स्थान दे और परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान कर उन्हें इस दुख से बाहर निकलने में मदद करें।

