खबर पक्की :30 जून रतलाम, निकाय चुनाव के लिए यू तो रतलाम में मतदान 13 जुलाई को होना है और अब शनै शनै भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों का प्रचार जोर पकड़ने लगा है। भारतीय जनता पार्टी के महापौर प्रत्याशी प्रह्लाद पटेल को जहां एक और सत्तारूढ़ पार्टी के प्रत्याशी होने का लाभ है वही उनके साथ भाजपा के कद्दावर विधायक चैतन्य काश्यप, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी और तमाम आर एस एस संगठन लगा हुआ है। वहीं पार्षद उम्मीदवारों में से दो के नाम वापस लेने के बावजूद कांग्रेस के मयंक जाट के साथ इस बार पूरी कांग्रेस एकजुट दिखाई दे रही है। तमाम साधन संसाधन होने के बावजूद विशेषज्ञों की मानें तो सोशल मीडिया मैनेजमेंट और मीडिया मैनेजमेंट में हमेशा आगे रहने वाली भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस से थोड़ा पीछे दिखाई दे रही है ऐसा लग रहा है कि भाजपा यह मानकर चल रही है कि मीडिया तो उसकी जेब में है। सुबह से रात तक दोनों प्रत्याशी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अपना सबकुछ झोंकने में लगे हुए हैं। यह बड़े आश्चर्य की बात है कि विकास के नाम पर वोट मांगने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने पिछली परिषद की महापौर सुनीता yarde को अपने किए गए विकास कार्यों को बताने के लिए मैदान में नहीं उतारा है। वह कांग्रेस के मयंक जाट को अपने युवा उम्मीदवार होने का फायदा मिल रहा है और युवाओं की टोलियां उनके साथ दिन रात मेहनत कर रही है। इस चुनाव में एक और दिलचस्प बात देखने को मिली हिंदुत्व का दम भरने वाली भाजपा ने जिस प्रकार अल्पसंख्यक आयातित उम्मीदवार की कांग्रेस उम्मीदवार द्वारा कांग्रेस को धोखा देकर नाम वापसी के पश्चात निर्विरोध विजय को महिमामंडित किया उससे कई हिंदुत्व के झंडा बरदार खुश नहीं दिखाई दिए। खैर जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ेगा अभी कई रंग देखने को मिलेगा अभी तक जितना चुनाव आगे बढ़ चुका है उसको देखते हुए कहीं टक्कर में ना दिखाई देने वाले कांग्रेसी मुकाबले में खड़ी दिखाई दे रही है और दिन प्रतिदिन अपनी स्थिति को मजबूत कर रही है। वही कमोबेश हमेशा मजबूत दिखाई देने वाली भाजपा अभी तक वो रंग भरने में कामयाब नहीं रही जिसकी उससे उम्मीद की जाती है। मतदाता भी अभी खामोश है और दोनों प्रत्याशियों को अपनी तराजू पर तोलने पर लगा हुआ है यह तो वक्त ही बताएगा कि मेयर की चेयर किसे मिलेगी।


