खबर पक्की : 23 जून रतलाम, जैसे-जैसे नाम वापसी की अंतिम तारीख 22 जून नजदीक आती जा रही थी वैसे वैसे भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद पटेल और संगठन के पदाधिकारियों और विधायक के दिल की धड़कन बढ़ती जा रही थी। क्योंकि अशोक पोरवाल का तो सभी को पता था कि वह नाम वापस ले लेंगे l लेकिन सीमा का क्या करें क्योंकि वह किसी कीमत पर मानने के लिए तैयार नहीं थी और उनके लिए सभी इसी उहापोह में थे, की सोच रहा हूं समझ रहा हूं फिर भी समझ नहीं आती, कि नारी क्यों नर से आगे बढ़ जाती। और अंततोगत्वा निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए बिफरी हुई महिला महापौर प्रत्याशी सीमा टाक को मनाने के लिए 21 जून की रात 10:00 10:30 बजे के लगभग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को फोन लगाना पड़ा और उनसे नाम वापसी के लिए आग्रह करना पड़ा तब सीमा टाक ने मुख्यमंत्री से कहा कि पार्टी में लगातार उनकी अनदेखी हो रही है । जब मुख्यमंत्री ने उनके सम्मान का पूरा भरोसा दिलाया और उन्होंने संगठन में भी कोई अच्छी पोस्ट देने की बात की तो उन्होंने कहा कि आपकी बात का पूरा सम्मान है और आपका आदेश सर आंखों पर इस पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्थानीय नेतृत्व और विधायक आपसे मिलेंगे और हर शिकायत का समाधान करते हुए पूरे सम्मान के साथ आपको नाम वापसी करवाएंगे। इसके बाद 22 तारीख को सुबह विधायक चैतन्य काश्यप मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सीमा टाक से मिले और उन्हें डेढ़ घंटे तक समझाया अब चुकी उनकी मुख्यमंत्री से पूर्व में ही इस बारे में बात हो चुकी थी और उन्होंने मुख्यमंत्री को वचन दे दिया था तो नाम वापसी तो महज औपचारिकता थी। लेकिन इस बहाने सीमा टाक ने अपनी सारी भड़ास विधायक चैतन्य काश्यप के समक्ष रख दी विधायक चैतन्य काश्यप ने उनकी बात को गंभीरता से सुना और उनका पार्टी में पूरा सम्मान रखने के लिए आश्वस्त किया तो इस पर सीमा टाक ने तुरंत नाम वापसी की स्वीकृति देते हुए कहा कि शिवराज जी हमारे नेता है और जब उन्होंने आश्वासन दिया है तो उनकी बात का सम्मान रखना मेरा भी फर्ज है। सीमा टाक ने कहा कि उनके सारे गिले-शिकवे दूर कर दिये गये है और अब वह पूरी ताकत के साथ पार्टी का काम करेगी।

