खबर पक्की, 28 मई, रतलाम। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लिये पहली बार कोई शिक्षा नीति बनी है जो भारत का मार्ग प्रशस्त करेगी। शिक्षा नीति के तंत्र में बंध कर रह जाने से क्रियान्वयन नही होगा। शिक्षा का क्रियान्वयन करने का केन्द्र बिंदु हम ही है। हमारा लक्ष्य इस प्रकार की राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली का विकास करना है। राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली का विकास यह सतत प्रक्रिया है, हमारी नेतृत्व क्षमता प्रखर ओर प्रगाढ़ होना चाहिए। नेतृत्व क्षमता वह सफल होती है जो समन्वय से कार्य कर सके, सफलता का सूत्र है विश्वास करना। जिज्ञासा जागृत करना आचार्य की सफलता के गुण है सफल प्रधानाचार्य वह है जिनकी आदेश पंजी वर्ष भर खाली रहे।
उक्त विचार सरस्वती विद्या मंदिर, काटजू नगर में विद्या भारती मालवा की प्राचार्य / प्रधानाचार्य योजना बैठक मे पधारे मुख्य अतिथि अवनीश भटनागर (अखिल भारतीय महामंत्री, नईदिल्ली) ने व्यक्त किए। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया। योजना बैठक में मुख्य अतिथि अवनीश भटनागर (अखिल भारतीय महामंत्री, नईदिल्ली) तरुण शाह (उज्जैन), श्रीमती हीना नीमा ( प्रांत सह सचिव, इंदौर) मंचासीन रहे।
अतिथियो का स्वागत सत्यनारायण शर्मा (प्रांत संयोजक शिशु वाटिका), श्रीमती इंदिरा शर्मा ने किया। अतिथि परिचय महेन्द्र भगत (विभाग समन्वयक, उज्जैन) ने दिया। व्यक्तिगत गीत की प्रस्तुति सुरेश पंवार ने दी।
संचालन महादेव यादव ( विभाग समन्वयक, मंदसौर ) ने किया। योजना बैठक में विद्या भारती मालवा के संगठन मंत्री अखिलेश मिश्रा, प्रांतीय कोषाध्यक्ष गोपाल काकानी, प्रांत प्रमुख पंकज पंवार, प्रांत सदस्य रशेष राठौड़ सहित प्राचार्य प्रधानाचार्य आदि उपस्थित रहे।
