खबर पक्की, 8 फरवरी, रतलाम। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि यदि काम करने की तड़प हो तो बहनें चमत्कार कर सकती हैं। माता, बहन, बेटियाँ अभाव और गरीबी में रहने तथा ताने सुनने के लिए पैदा नहीं हुई हैं। महिलाओं को जो सम्मान मिलना चाहिए वह अभी तक नहीं मिला है। बेटा-बेटियों में भेद किया जाता है। मां, बहन, बेटी के सशक्तीकरण के लिए काम करना मेरे जीवन का मिशन है, यह मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने जो योजनाएँ बनाई उनका उद्देश्य ग्राम स्तर तक महिला सशक्तीकरण को सुनिश्चित करना रहा। मुख्यमंत्री श्री चौहान कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में ग्रामीण राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में गठित स्व-सहायता समूह के सदस्यों को बैंक ऋण वितरित करने कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्व-सहायता समूह के सदस्यों को 300 करोड़ रुपए के बैंक ऋण सिंगल क्लिक से वितरित किए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पंचायत स्तर पर समूह के सदस्यों से वर्चुअल संवाद भी किया।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को राज्य स्तर से आयोजित कार्यक्रम द्वारा मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा ऋण लाभ प्रदान किए गए। इस अवसर रतलाम जिले के 68 स्वयं सहायता समूह को 1 करोड़ 10 लाख रुपए के ऋण लाभ प्रदान किए गए। चालू वित्तीय वर्ष में जिले के 719 स्वयं सहायता समूहों को 997 लाख रुपए के बैंक ऋण राशि स्वरोजगार कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जा चुकी है।
इस दौरान रतलाम एनआईसी कक्ष में विधायक रतलाम ग्रामीण दिलीप मकवाना, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती जमुना भिड़े, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक दिलीप सेठिया, जिला परियोजना प्रबंधक हिमांशु शुक्ला, रतलाम ग्रामीण क्षेत्र के स्वयं सहायता समूहों की सदस्य एवं बैंक सखियों उपस्थित थी। विधायक श्री मकवाना ने स्वयं सहायता समूह को 1 करोड़ 10 लाख 99 हजार ऋण राशि का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम से उद्बोधन को देखा व सुना गया।

