खबर पक्की : 28 जनवरी रतलाम, शगुन के मालिकों द्वारा प्रभारी मंत्री से गणतंत्र दिवस के दिन मुलाकात और उन्हें कलेक्टर द्वारा भेजे गए नोटिस के बारे में अवगत कराने के बाद प्रभारी मंत्री भदोरिया ने उन्हें आश्वस्त किया था कि मेरे रहते आप पर यह कार्रवाई नहीं होगी पूरी जांच पड़ताल के बाद ही आगे की कार्रवाई के बारे में विचार किया जाएगा। लेकिन 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन गण को दिए गए वचन को भी मंत्री के जाते ही तंत्र ने जिस तरह मुस्तैदी के साथ ध्वस्त किया वह इतिहास में अविस्मरणीय हो गया। तंत्र ने साबित कर दिया कि वह चाहे जिसको दो कौड़ी का बना सकता है। यहां एक बात और उल्लेखनीय है इस तरह के मामले शहर में सैकड़ों है जिसमें परमिशन किसी और चीज की है और मौके पर कुछ और है लेकिन प्रशासन द्वारा चुनिंदा कार्रवाई कर टारगेट करने से एक बात और स्पष्ट हो गई कि सिंधिया कोटे से बने सभी मंत्री मिट्टी के माधव है और इनकी कही गई बात का भरोसा करना किसी के लिए भी खतरे से खाली नहीं है। जो मंत्री अपने वचन की प्रतिष्ठा नहीं रख पाए उसकी प्रतिष्ठा गण में कैसे रहेगी यह वही बता सकते हैं।

