खबर पक्की, 4 जनवरी, जावरा। स्व. श्री झमकलाल खारीवाल एवं स्व. श्री ए. एल. भल्ला की स्मृति में स्थापित पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट माइंड बॉडी एंड सॉल इंटरनेशनल हॉलिस्टिक सेंटर ऑफ जावरा 5 बीघा जमीन पर आनंदम हॉलिस्टिक सेंटर की स्थापना करने जा रहा है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. हरीश भल्ला, महामंत्री सुदेश जे. खारीवाल एवं कोषाध्यक्ष लता देवी कांठेड़ ने बताया कि विश्व भर में सदियों से शारीरिक दुख-दर्द के निवारण के लिए कई तरीके अपनाए जाते रहे हैं। धार्मिक व पवित्र तरीके से उपचार लेने को ही हॉलिस्टिक हीलिंग कहा गया है जिसमें असंतुलित जीवनशैली को सुंतलित जीवनशैली में बदला जाता है। हॉलिस्टिक हीलिंग में शरीर के दुख-दर्द संबंधी हर पहलू पर ध्यान दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि, हॉलिस्टिक हीलिंग में मनुष्य के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाती है। इसमें मनुष्य के संपूर्ण अंगों पर ध्यान दिया जाता है। हॉलिस्टिक हीलिंग स्वस्थ जीवनशैली जीने का एक तरीका है मन व शरीर का संगम है पूरा उपचार मन व शरीर के संगम से होता है। शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, भावनाएं और धार्मिक विश्वास पर ध्यान दिया जाता है। मुख्य रूप से मनुष्य का शरीर जिन पंचतत्वों से बना है, उनके असंतुलन के कारणों को हॉलिस्टिक हीलर देखता है। उन्हें संतुलित करता है।
ट्रस्टियों ने बताया कि, मनुष्य के शारीरिक असंतुलन के कारण हैं : पौष्टिक भोजन न करना, व्यायाम की कमी, मानसिक, भावनात्मक व धार्मिक जरूरत का पूरा न होना आदि। जब भी हॉलिस्टिक हीलिंग दी जाती है तब मनुष्य के दिमाग, शरीर, आत्मा और भावना को नजरअंदाज नहीं किया जाता। हीलर खुले विचारों वाला हो, खुलकर बात करे व समझे। प्यार करने वाला, ध्यान रखने वाला होना भी जरूरी है।
आनंदम हॉलिस्टिक सेंटर का भूमिपूजन समारोह रविवार 09 जनवरी को प्रातः 11 बजे सरस्वती विद्या मन्दिर, पहाड़िया रोड़, जावरा पर गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में किया जाएगा। सेंटर की स्थापना के लिए श्रीमती विमलादेवी खारीवाल ने ग्राम नागदी, पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास 5 बीघा भूमि ट्रस्ट को प्रदान की है। इस सेंटर की स्थापना का स्वप्न डॉ. हरीश भल्ला एवं स्व. झमकलाल खारीवाल ने तीन दशक पूर्व देखा था जिसे अब साकार रूप दिया जा रहा है।
