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अब जिले में माफिया लोगों के प्रत्येक अपराध की पड़ताल होगी, कलेक्टर द्वारा जांच के लिए समिति गठित

BySurendra Jain

Nov 17, 2021

खबर पक्की, 17 नवंबर, रतलाम। जिले में अब माफिया लोगों द्वारा किए जाने वाले प्रत्येक अपराध की पड़ताल की जाएगी, वे अपने हर एक अपराध की सजा पाएंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री कुमार पुरुषोत्तम द्वारा एक समिति गठित की गई है जो यह देखेगी कि भू-माफिया, शराब माफिया, ड्रग माफिया या राशन माफिया आदि के द्वारा अवैध निर्माण या अनुमति के विरुद्ध अवैध निर्माण या अवैध शराब व्यापार तो नहीं किया गया है। ऐसा समिति द्वारा जांच में पाया जाता है तो उनके विरुद्ध अन्य सम्बंधित अधिनियमों में भी प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देशानुसार रतलाम जिले में विभिन्न श्रेणी के माफियाओं के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है परंतु कलेक्टर के संज्ञान में आया है कि पुलिस द्वारा विभिन्न अपराधों के अंतर्गत कतिपय व्यक्तियों पर दर्ज प्रकरणों में भारतीय दंड संहिता के तहत तो कार्रवाई हो जाती है परंतु उस व्यक्ति के द्वारा अन्य अधिनियम का यदि उल्लंघन तथा उसके द्वारा यदि अन्य अवैध कार्य किए गए हैं तो उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती।
कलेक्टर द्वारा निर्देशित कर दिया गया है कि सांप्रदायिक सौहार्द भंग करने वाले व्यक्तियों, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों, जघन्य अपराध में शामिल होने वालों, शराब माफिया, ड्रग माफिया, चिटफंड माफिया, राशन माफिया आदि के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए जाते हैं उनमें यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उस व्यक्ति के द्वारा अन्य अपराध जैसे शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण, अनुमति के विरुद्ध निर्माण, अवैध शराब व्यापार, कमजोर वर्गों पर अत्याचार जैसे कार्य तो नहीं किए गए हैं, उक्त प्रकार के प्रकरणों में भी प्रभावी कार्रवाई के लिए समिति गठित की गई है जिसमें अपर कलेक्टर, एसडीएम रतलाम शहर, नगर पुलिस अधीक्षक, जिला आबकारी अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, जिला खनिज अधिकारी तथा उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सम्मिलित किया गया है।
गठित की गई समिति प्रत्येक 15 दिवस में अपनी बैठक आयोजित करेगी। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए प्रकरण प्रस्तुत करेगी जिस पर कलेक्टर या अन्य प्राधिकृत अधिकारी द्वारा आदेश पारित किया जाएगा और विधि अनुसार कार्रवाई होगी। अपर कलेक्टर की जिम्मेदारी रहेगी कि हर एक 15 दिनों में प्रकरणों की समीक्षा करके रिपोर्ट अनिवार्य रूप से कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

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