खबर पक्की, 13 नवम्बर, रतलाम। विगत दिनों रतलाम स्थित महालक्ष्मी मंदिर पर पुजारी जी पर लगाए गए चोरी के इल्जाम के विरोध में आज 13 नवंबर को कोर्ट चौराहे पर सभी सनातनी बन्धु हिंदू समाज जन ने सामूहिक रूप से विरोध करने का निर्णय लिया है उद्देश्य मात्र यही है कि समय-समय पर कहीं न कहीं कुछ षड्यंत्रकारी किसी न किसी रूप में विप्र बंधु ब्राह्मण देवता का अपमान करते आ रहे है और लंबा समय हो गया ब्राह्मण इस अपमान को सहता जा रहा है साथ साथ शासन प्रशासन द्वारा भी ब्राह्मणों के हक का अतिक्रमण किया जा रहा है जो पैसा ब्राह्मणों के हित में होना चाहिए वह सरकार अपने अधीन कर रही हैं। मंदिर में जब श्रद्धालु श्रद्धा से अपनी स्वेच्छा से ब्राह्मणों को दक्षिणा दे रहे हैं तो उसके लिए भी सरकार प्रतिबंध लगाना चाह रही है सरकारी दानपात्र वहां पर रखा है उसके बावजूद अगर व्यक्ति ब्राह्मणों की हित में उनके लिए कुछ देना चाहते हैं तो उस पर भी सरकार अपनी दृष्टि जमाए हुए हैं इसीलिए समस्त हिंदू समाज यह मांग रखता है कि मंदिरों का पेसा मंदिरों के कल्याण के लिए और समाज के कल्याण के लिए ही उपयोग होना चाहिए न कि इसे शासन अपने अधीन करें।
रतलाम नगर के एक समाचार पत्र द्वारा लक्ष्मी मंदिर के पुजारी को चोर बतलाया गया है यह व्यक्ति विशेष का अपमान नहीं होकर समस्त विप्रबंधु ब्राह्मण देवता पुजारियों का अपमान है जिसके कारण समस्त विप्रबंधु ब्राह्मणों का पुजारियों का कहीं न कहीं हृदय में उनको अत्यंत पीड़ा हुई है, ब्राह्मण का अपमान ही ब्राह्मणों के लिए मृत्युदंड के बराबर होता है, खबर के प्रकाशन से ब्राह्मण बन्धु के सम्मान को धुमिल करने का प्रयास किया गया हैं और समाज में उनके मान-सम्मान की हानि हुई है, इस हेतु समस्त विप्रबंधु ब्राह्मण समाज सहित समाज के समस्त हिंदू संगठन इसका पुरजोर विरोध करते हैं और अखबार का भी पुरजोर विरोध करते हैं जिसने इस प्रकार की खबर प्रकाशित किया, जिसके कारण समस्त समाज में विप्रबंधुओं की छवि और धूमिल हुई है इसीलिए ऐसे समाचार पत्र और उसको प्रकाशित करने वाले पत्रकार का पूरा समाज विरोध करता है ताकि आने वाले समय में इस गरिमामय पुजारी पद की छवि किसी भी प्रकार से कोई अन्य पत्रकार धुमिल न करे।


